नूंह। हरियाणा प्रदेश एक ओर कोविड-19 महामारी से लड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर भाजपा-जजपा सरकार और अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदेश में घोटालों को अंजाम दिया जा रहा है। लॉकडाउन के दौरान प्रदेश में कई घोटालों को अंजाम दिया गया है। बीते 6 वर्षों में हरियाणा में शराब घोटाले, रजिस्ट्री घोटाले समेत कई अन्य मामलों में घोटाले किए गए हैं। सरकार द्वारा लगातार इन घोटालों को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इन घोटालों की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाई जाए। उक्त बातें हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने नूंह में आयोजित विरोध-प्रदर्शन के दौरान कहीं। बृहस्पतिवार को कुमारी शैलजा के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए गए। इसके साथ ही जिला उपायुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपे गए। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने खुद नूंह में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
शराब घोटाला उजागर होने के बाद इसे दबाने की ही साजिश थी कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की जांच को सिरे से खारिज कर इसकी जगह स्पेशल इंक्वायरी टीम का गठन कर दिया था, जिसके पास इस घोटाले की तह तक जाने की शक्तियां ही नहीं है। उन्होंने ने कहा कि हरियाणा में अवैध तरीके से रजिस्ट्री का खेल भी कोरोना महामारी में जमकर खेला गया। कई जगहों पर रजिस्ट्री करते समय न तो नियमों का ध्यान रखा गया और न ही जिला नगर योजनाकारों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए गए। हरियाणा के 30 से ज्यादा शहरी निकायों के कंट्रोल एरिया में हुई रजिस्ट्री में गड़बड़िया पाई गई हैं।
बीते कई वर्षों के दौरान इस सरकार में कई घोटाले हुए हैं। इन घोटालों में धान खरीद घोटाला, अरावली भूमि उपयोग घोटाला, खनन घोटाला, रोडवेज किलोमीटर योजना घोटाला, एचएसएससी भर्ती घोटाला, एससी छात्रवृत्ति योजना घोटाला, बिजली मीटर घोटाला, चावल घोटाला शामिल हैं। इस मौके पर विधायक आफताब अहमद, विधायक मोहम्मद इलियास, विधायक मामन खान, पूर्व विधायक शहीदा खान, महताब अहमद, इब्राहिम इंजीनियर, हाजी सहाब खान, प्रदेश प्रवक्ता खालिद हुसैन, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहम्मदी बेगम, युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मंजू भरत तोंगड़, युवा प्रदेश सचिव असीम खान शिकारपुर व कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुबारिक सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।