फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: पेस्ट कंट्रोल से कंट्रोल कर रहे घर की रसोइयों में घुसे कॉकरोच

विज्ञापन
विज्ञापन
-घरों से निकल रहे कॉकरोच की चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंची
विज्ञापन




माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। शहर की हाईराइज सोसाइटियों और आवासीय इलाकों में इन दिनों कॉकरोच की समस्या को दूर करने के लिए लोग पेस्ट कंट्रोल तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। रसोई, सीवर लाइन, बाथरूम और बाजारों तक में कॉकरोच नजर आने से लोग परेशान हैं। सोशल मीडिया पर कॉकरोच की चर्चा बढ़ने के बाद लोग घरों से कॉकरोच हटाने के उपाय खोज रहे हैं।


उद्यमी सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि नोएडा की कई सोसाइटियों के लोग नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल का सहारा ले रहे हैं। सेक्टर-47 की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रवेश शर्मा ने बताया कि गर्मी और नमी बढ़ने से कॉकरोच की संख्या भी तेजी से बढ़ जाती है। सेक्टर स्थित लोटस पनाश सोसायटी के निवासी मुकुंद मिश्रा ने बताया कि वे हर छह महीने में घर का पेस्ट कंट्रोल कराते हैं। दो बीएचके-तीन बीएचके फ्लैट के लिए करीब 1500-2000 रुपये खर्च होते हैं। पेस्ट कंट्रोल के दौरान घर के कोनों और किचन एरिया में स्प्रे किया जाता है, जबकि बाद में जेल लेयर लगाई जाती है ताकि कॉकरोच दोबारा न पनपें। वहीं पेस्ट कंट्रोलर राकेश कुमार ने बताया कि पेस्ट कंट्रोल में जेल पेस्ट और नालियों में विशेष स्प्रे का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें स्लो पॉइजन तकनीक अपनाई जाती है, जिससे कॉकरोच और अन्य छोटे कीट धीरे-धीरे खत्म होते हैं।
विज्ञापन


3000 से 5000 हजार तक लोग कराते हैं एएमसी
पेस्ट कंट्रोल के जरिए सालभर कॉकरोच परेशान न करें, इसके लिए हाईराइज सोसाइटियों के फ्लैटों में लोग एएमसी लेना पसंद करते हैं। इसके तहत सालभर तक कंपनी पेस्ट कंट्रोल के जरिए कॉकरोच को खत्म करती है। सेक्टर-75 की गोल्फ प्लॉट-11 निवासी अनीश देवगन का कहना है कि घर की रसोई से लेकर नालियों तक से कॉकरोच समाप्त हो जाते हैं।
विज्ञापन


क्यों हैं कॉकरोच की चर्चा
दरअसल सोशल मीडिया पर अभियान चलाने वाले एक सोशल मीडिया इंफ्ल्यूएंसर ने कॉकरोच जनता पार्टी के नाम से सोशल मीडिया हैंडल बनाया। इस हैंडल के जरिए व्यंग्यात्मक रूप से युवा देश की समस्या को साझा कर रहे हैं। शहर के युवा भी तेजी से उन्हें फॉलो कर रहे हैं और तरह-तरह की मीम्स बना रहे हैं।
-
हर दूसरी रील कॉकरोच पार्टी की दिखाई दे रही है। युवा देश का भविष्य हैं, उन्हें मौका मिलना चाहिए। -सागर शर्मा, सेक्टर-62
सुप्रीम कोर्ट ने युवाओं के बारे में गलत कहा है। युवा अपनी बात तो रखेंगे ही, भाषा उचित होनी चाहिए। -अमित गुप्ता, सेक्टर-77
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें