-ग्रेटर नोएडा में अब तक 17 कोचिंग सेंटर को कराया जा चुका है बंद
-इन कोचिंग सेंटर में करीब 4000 से अधिक बच्चे, दे चुके है पूरी फीस
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली की घटना के बाद जिला प्रशासन अभियान चलाकर अवैध कोचिंग सेंटर को बंद करा रहा है, लेकिन वहां पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य की अनदेखी की जा रही है। बच्चे पूरी फीस दे चुके हैं। पढ़ाई के साथ-साथ उनको फीस की भी चिंता सता रही है। संचालक बच्चों को फीस वापस देने की जगह जल्द कोचिंग शुरू होने का आश्वासन दे रहे हैं। ऐसे में बच्चे परेशान हैं।
दिल्ली के कोचिंग सेंटर में पानी भरने से तीन छात्रों की डूब कर मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने जिले के कोचिंग सेंटर की जांच शुरू की है। ग्रेटर नोएडा और दादरी क्षेत्र के कोचिंग सेंटर की जांच हो चुकी है। इनमें से 17 कोचिंग सेंटर के पास पंजीकरण नहीं मिला। पंजीकरण नहीं कराने पर शिक्षा विभाग ने ग्रेनो के सेक्टर अल्फा वन में तीन कोचिंग सेंटर को सील कर दिया था। जबकि ग्रेनो के चार कोचिंग सेंटर को तीन दिन में बंद करने का नोटिस थमाया गया। वहीं, दादरी नगर के 10 कोचिंग सेंटर को भी पंजीकरण नहीं कराने पर बंद करने का आदेश दिया गया हैं। इन कोचिंग सेंटर में 4000 से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। सेक्टर अल्फा वन कॉमर्शियल बेल्ट स्थित कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाली छात्रा सिम्मी ने बताया कि उसे किसी कारण से सेंटर बंद होने की जानकारी दी है। साथ ही फीस की मांग भी की है। वहीं दादरी के कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले गौरव सिंह का कहना है कि कोचिंग बंद है। संचालक ने जल्द कोचिंग फिर से शुरू होने का आश्वासन दिया है।
प्रशासन का दावा, वापस दिलाई जाएगी फीस
सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा विवेकानंद मिश्रा का कहना है कि जिन कोचिंग सेंटर को बंद कराया गया है, उनको बच्चों की फीस वापस लौटानी होगी। अगर कोई कोचिंग सेंटर फीस वापस नहीं कर रहा है तो बच्चे को जिला विद्यालय निरीक्षक के पास शिकायत करनी होगी। वहीं कोचिंग सेंटरों को भी फीस वापस लौटाने के निर्देश दिए जा रहे हैं।