नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नोएडा सेक्टर-6 स्थित टीकाकरण केंद्र का जायजा लिया और वहां पर चिकित्सा कर्मियों से बातचीत करके तीन मिनट में ही वापस लौट गए। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की मेहनत को भी सराहा। दरअसल, रविवार सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री का काफिला सेक्टर-6 स्थित टीकाकरण केंद्र पर पहुंचा। वहां पर मीडिया कर्मियों और उनके परिवार के लोगों को टीका लगाया जा रहा था। उन्होंने इंदिरागांधी कलाकेंद्र में चिकित्सा कर्मियों से जानकारी ली कि हर रोज कितने लोगों को टीका लगाया जा रहा है। किसी तरह की दिक्कत तो नहीं हो रही है।
उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि वह अपनी सुरक्षा को ध्यान में देखते हुए काम करें। लोगों को टीकाकरण के दौरान उनकी सुरक्षा भी अधिक जरूरी है और टीकाकरण के दौरान किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। इसके बाद वह सेक्टर-16 एनटीपीसी के लिए रवाना हो गए। टीकाकरण अभियान के दौरान पहली बार सीएम को इतने नजदीक से देखकर स्वास्थ्यकर्मियों का काफी उत्साह बढ़ा और मन में चाह थी कि वह सेल्फी ले, लेकिन चंद मिनट के दौरे में इतना मौका नहीं मिला कि वह अपनी बात को सीएम से कह दें।
सीएम साहब..... छपरौली के स्वास्थ्य केंद्र पर तो लटका है ताला
नोएडा के छपरौली गांव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वास्थ्य से जुड़ा कार्यक्रम प्राथमिक विद्यालय में कराया गया। जबकि गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है जहां ताला लटका हुआ है। केंद्र में गंदगी का अंबार लगा हुआ था जिससे पता चलता है कि यह केंद्र काफी समय से बंद है। नोएडा प्राधिकरण की तरफ से केंद्र का निर्माण कराया गया था। गांव नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के नजदीक है। गांव में संक्रमित मरीजों की संख्या भी कम है। इस कारण प्रशासन ने सीएम के निरीक्षण के लिए छपरौली गांव को चुना, लेकिन सीएम का कार्यक्रम स्वास्थ्य केंद्र की जगह गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित किया गया। इसकी मुख्य वजह साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण था। स्कूल के आसपास ज्यादा गंदगी भी नहीं थी। मुख्यमंत्री गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा ले रहे थे। जबकि, गांव के स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका था। मुख्य गेट पर अंदर और दूसरे गेट पर बाहर ताला लगा हुआ था। गांव के लोगों का कहना है कि सीएम का दौरा स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ था और स्वास्थ्य केंद्र को ही अनदेखा किया गया। वहां पर सुविधाएं नहीं मिलतीं।
जो दिखाया, मुख्यमंत्री ने वह देखा
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर काफी आलोचना की गई। ट्विटर पर लोगों ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का बुरा हाल है। जबकि, मुख्यमंत्री को अच्छी व्यवस्था होने की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने वह देखा, जो उनको दिखाया गया। वहीं ट्विटर पर नेफोवा ने मुख्यमंत्री से सीएम को अपने साथ ले जाने की मांग की। मुख्यमंत्री को गांव में तीन कोविड मरीजों का हालचाल पूछना था। प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली थी। गांव के पांच में से तीन संक्रमित मरीजों को तैयार किया गया। इनमें सोनू चौहान के अलावा इंद्रेश चौहान और गजेंद्र भी थे। मुख्यमंत्री के आने से पहले इन सभी को घर के गेट पर बैठा दिया गया था, ताकि मुख्यमंत्री बाहर से बात कर सके, लेकिन सोनू से बात कर ही योगी लौट गए।
निगरानी समिति के सदस्य हैं सोनू के पिता
गांव की सात सदस्यीय निगरानी समिति में सोनू चौहान के पिता सुरेश चौहान भी शामिल हैं। उनके अलावा नोएडा प्राधिकरण कर्मचारी विजय रावल, पूर्व ग्राम प्रधान छतरपाल, आंगनबाड़ी कर्मचारी नीलम, आशा पूनम, कोटेदार रमेश और लेखपाल अमित कुमार शामिल हैं।
मुख्यमंत्री के भ्रमण का मकसद निगरानी समिति और संक्रमित मरीज से बातचीत करना था। विद्यालय के पास तीन संक्रमित मरीज थे। जिस कारण विद्यालय में कार्यक्रम रखा गया।
- अनिल कुमार, सीडीओ