नोएडा। कोरोना की दूसरी लहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नोएडा का दौरा किया। इस दौरान सेक्टर-16ए स्थित एनटीपीसी सभागार में उन्होंने जिला प्रशासन, प्राधिकरण के अलावा जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने कोरोना की आड़ में लूट के केंद्र बने निजी अस्पतालों पर कार्रवाई करने के आदेश जिला प्रशासन के अधिकारियों को दिए। साथ ही, टेस्टिंग लैब की जांच कराने के आदेश जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि सभी आपसी तालमेल के साथ कोरोना के संक्रमण को रोकने व मरीजों का इलाज प्रोटोकाल के मुताबिक कराने के लिए प्रभावी कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि ऐसा संज्ञान में आ रहा है कि कुछ निजी अस्पताल व कोरोना टेस्टिंग लैब महामारी के इस दौर में लूट के केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि चिह्नित कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने नॉन कोविड अस्पताल की शुरुआत करते हुए चिकित्सकों द्वारा टैली सुविधा के माध्यम से अन्य बीमारियों के बारे में नागरिकों को लाभ पहुंचाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन में पूरा जोर लगाने के अलावा जिले में कोरोना कर्फ्यू को कड़ाई से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कोविड अस्पतालाें के डाक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोताही न बरतें। उन्होंने निगरानी समितियों को और अधिक सक्रिय होने को कहा। कोरोना के लक्षण वाले लोगों को चिह्नित करते हुये कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप इलाज शुरू कराने को कहा।
एक दिन पहले आए और दूसरे दिन गायब हो गए दोनों डॉक्टर
मुख्यमंत्री दौरे से पहले ही कई माह से बंद बिलासपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का ताला शनिवार को खुल गया। यहां जमी धूल साफ हो गई। चंद मिनट में ही यहां दो डॉक्टर भी तैनात कर दिए गए। ग्रामीणों का आरोप है कि रविवार को जैसे ही मुख्यमंत्री के जाने की बात पता चली, वैसे ही दोनों डॉक्टर यहां से गायब हो गए। अब लोग मुख्यमंत्री को कोस रहे हैं। इनका कहना है कि यदि मुख्यमंत्री केंद्र का दौरा करते तो बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधर जाती। बता दें कि शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर ऐसी हलचल मची थी कि सांसद प्रतिनिधि सोनू वर्मा खुद ताला खुलवाने पहुंच गए। कुछ देर बाद विधायक धीरेंद्र सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया था कि केंद्र में डॉक्टरों की तैनाती होगी व उचित इलाज भी मिलेगा।
रविवार सुबह ठीक इसके उलट स्थिति देखने को मिली। सुबह 9:45 पर वार्ड बॉय दिनेश कुमार अस्पताल का ताला खोलकर सफाई में लग गया। मरीज आए तो वार्ड बॉय ने मुख्यमंत्री दौरा व दोनों डॉक्टर और फार्मासिस्ट की कोविड ड्यूटी में होने की बात कहकर दनकौर स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। लोग जनप्रतिनिधियों को कोसते हुए लौट गए। वार्ड बॉय ने ही मामूली बीमार व सर्दी, खांसी जुकाम वाले लोगों को दो-चार गोली देकर भेज दिया। दवा लेने आए अमित भाटी दलेलगढ, चरन सिंह गडाना, अजयपाल ईसेपुर, सुरेंद्र भाटी दलेलगढ़ व राजकुमार बिलासपुर ने बताया कि यदि मुख्यमंत्री केंद्र पर आ जाते तो बिना मांगे सब कुछ मिल जाता। इस केंद्र पर नियमित स्वास्थ्य सेवा शुरू होने से कस्बे व देहात की लगभग 50 हजार आबादी के साथ 36 गांवों के लोगों को फायदा होगा।