निवासी उठा रहे सवाल कि 21 से गंगाजल की आपूर्ति बंद होने के बाद कैसा पानी मिलेगा, बीमार न कर दे पानी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा।
शहर के बहुमंजिला आवासीय इमारतों वाले 7 एक्स सेक्टरों (74-79) व 116, 117 में सप्लाई होने वाले पानी की सेहत बिगड़ी हुई है। यहां पर अलग-अलग सोसाइटी के फ्लैटों में पहुंचने वाले पानी में टोटल डिसॉल्वड सॉलिड्स (टीडीएस) का स्तर 1500 के पार पहुंच रहा है। किसी किसी दिन तो 3200 पहुंच रहा है। यह स्थिति तब है जब नवंबर-2025 से नोएडा प्राधिकरण का इन सेक्टरों के लिए 30 एमएलडी गंगाजल आपूर्ति का दावा है। गंग नहर की सफाई के चलते 21 अक्तूबर से करीब एक महीने तक नोएडा को गंगाजल नहीं मिलेगा। यहां सोसाइटी के निवासी सवाल उठा रहे हैं कि उस स्थिति में कैसा पानी मिल पाएगा।
7 एक्स सेक्टरों में छोटी-बड़ी 30 सोसाइटी हैं। इनके साथ ही सेक्टर-116-117 को मिलाकर 2 लाख से ज्यादा आबादी के लिए गंगाजल परियोजना की तैयारी प्राधिकरण ने अलग से की थी। 2 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से यहां सेक्टर-116 के यूजीआर तक 40 एमएलडी गंगाजल पहुंचाने की पाइप लाइन प्राधिकरण ने बिछवाई थी। 9 नवंबर 2025 को विधायक पंकज सिंह से परियोजना का लोकार्पण करवाया गया था। सेक्टर-116 स्थित जलाशय में टैंक की क्षमता 5 एमएलडी है। ऐसे में यहां पर दिन में करीब आठ बार गंगाजल आपूर्ति का दावा था। इससे पहले सेवन एक्स सेक्टरों में सेक्टर-65 के यूजीआर से गंगाजल की सप्लाई की जा रही थी।
निवासी पूछ रहे गंगाजल कहां जा रहा-
-सेक्टर-78 अंतरिक्ष गोल्फ व्यू-2 निवासी बृजेश शर्मा ने बताया कि शनिवार को पानी में टीडीएस का स्तर 1590 था। इसके पहले 4 अक्तूबर को 3270 था। बृजेश ने बताया कि 1500 से कम टीडीएस का पानी फ्लैट में रहने वालों को नहीं मिल पा रहा है।
-सेक्टर-77 की एक्सप्रेस जेनिथ सोसाइटी के निवासियों ने एक निजी लैब से 1 अक्तूबर को पानी के नमूने परीक्षण के लिए भरवाए थे। यहां पर टीडीएस का स्तर 2787 पाया गश है। सोसाइटी निवासी आशीष कुमार ने बताया कि पानी का खारापन बड़ी समस्या बना हुआ है।
कोट-
प्राधिकरण की तरफ से आपूर्ति में पानी 400-500 टीडीएस का दिया जा रहा है। अंदर बिल्डर उसमें सीधे खींचकर भू-जल मिला रहे हैं। कारण यह है कि कई सोसाइटियों में पानी का कनेक्शन कम फ्लैट के लिए लिया गया है। अब कब्जा दो गुने से ज्यादा फ्लैटों में दिया जा चुका है।
आर पी सिंह, जीएम, नोएडा प्राधिकरण।
अंतरिक्ष गोल्फ व्यू में पानी ले कारण खराब हो रहे फिल्टर