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कोटला झील

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नगीना। क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण कोटला झील की दीवारों में दरारें पड़ने लगी है। यह दरारें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कुछ दरारें झील के आर-पार हो गई हैं जिनमें से पानी बाहर निकलने लगा है। इससे करीब 2000 एकड़ भूमि के दायरे में झील का पानी फैल गया है। करीब 20 से 25 जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। वहीं जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। एसे में क्षेत्रवासियों को चिंता है कि अगर ऐसे ही रहा तो अरावली पहाड़ियों से आने वाला पानी बड़ी आफत ला सकता है। जिससे आकेड़ा गांव में बने घरों को भारी नुकसान होगा व काफी परिवार प्रभावित होंगे।
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बता दें, चारों ओर फैले पानी को उजीना ड्रेन के माध्यम से यमुना नदी में पहुंचाने की योजना कागजों में सिमट कर रह गई है। झील की करीब 500 मीटर लंबी चौकोर दीवार में जगह-जगह मिट्टी धंसने से 8-10 फुट गहरी दरारें पड़ गई हैं। झील के अंदर की दीवारों में भी 4 से 5 फुट गहरे गड्ढे बन गए हैं। तकरीबन 5000 एकड़ भूमि पर फैली प्राकृतिक झील के बीच 108 एकड़ भूमि पर बने जलाशय में पानी बढ़ता जा रहा है। जिस कारण दीवारों पर पानी का दबाव बढ़ रहा है। लोगों ने मौके पर पहुंचकर पानी की धारा को दूसरी तरफ मोड़ा है जिससे आकेडा गांव में पानी नहीं भरे।
झील की दीवारें निरंतर बारिश से टूटने लगी हैं। गहरे गड्ढों ने चिंता बढ़ा दी है। झील का पानी आकेड़ा गांव के लिए मुसीबत बन सकता है। - हसन बसरी, गांव आकेड़ा।
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एक सप्ताह से बारिश हो रही है। अरावली पहाड़ियों से भारी मात्रा में पानी बह कर कोटला झील में भर गया है। चारों तरफ खेतों में पानी दिखाई दे रहा है। - हाजी इसराइल, गांव कोटला।
हाल ही में कोटला झील की मरम्मत कराई गई थी। झील का मुआयना कर जल्द से जल्द दरारें भरी जाएंगी। खेतों और गांव के आसपास भरे पानी को उजीना ड्रेन से यमुना नदी में डाला जाएगा।- शक्ति सिंह, जिला उपायुक्त नूंह।
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कैप्शन: कोटला झील की दीवारों में पड़ी दरारें।
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