संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के उद्देश्य से 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई है। एमडीडी ऑफ इंडिया टीम ने महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी मधु जैन के मार्गदर्शन में इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अभियान के तहत नूंह जिले के 100 गांवों में व्यापक स्तर पर जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं। स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल विवाह के दुष्प्रभावों और इससे होने वाले सामाजिक-कानूनी नुकसान के बारे में बच्चों, अभिभावकों और समुदाय के लोगों को जानकारी दी जा रही है।
अधिकारी मधु जैन ने बताया कि बाल विवाह को रोकने के लिए गांव-गांव में बाल कल्याण समितियां बनाई जा रही हैं ताकि इस कुप्रथा से जुड़े मामलों की तुरंत सूचना मिल सके और समय रहते कार्रवाई की जा सके। उनका कहना है कि नूंह जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और आम जनता का सहयोग बेहद आवश्यक है। एम डीडीऑफ इंडिया शक्ति वाहिनी की टीम ने बताया कि कानून के अनुसार लड़कियों की विवाह आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह करवाना पूरी तरह दंडनीय अपराध है।
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