जेवर। कस्बे के मोहल्ला कानूनगोयान में तीन वर्ष के बच्चे की बुखार से मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टरों पर सही जानकारी नहीं देने और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थिति बिगड़ने पर परिजन बुधवार सुबह बच्चे को नोएडा स्थित चाइल्ड पीजीआई लेकर आ रहे थे, लेकिन बच्चे ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। बुलंदशहर के वैर निवासी कृष्ण कुमार की जेवर में ससुराल है। कृष्ण कुमार यहीं मजदूरी कर परिवार का गुजरा करता है। उसने बताया कि रविवार को तीन साल के बेटे साहिल को बुखार आया था। इसके बाद कस्बे में ही डाक्टरों से इलाज शुरू करा दिया।
बुधवार सुबह पांच बजे साहिल की तबियत अधिक बिगड़ गई। इस वह बच्चे को लेकर स्थानीय डाक्टरों के पास इलाज के लिए पहुंचा, लेकिन हालत देेखकर डाक्टरों ने उपचार करने से मना कर दिया। अंत में परिजन सुबह नौ बजे बच्चे को लेकर जेवर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। केंद्र प्रभारी डॉ. पवन ने तेज बुखार और बच्चे को बेहोशी की हालत में देखकर प्राथमिक उपचार के बाद नोएडा के चाइल्ड पीजीआई भेज दिया। स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस बच्चे को लेकर चाइल्ड पीजीआई के लिए निकल पड़ी, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर बुलंदशहर चले गए।
झोलाछाप डॉक्टरों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. पवन ने बताया कि कुछ लोग बुधवार सुबह नौ बजे बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बच्चों को तेज बुखार था। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को चाइल्ड पीजीआई रेफर किया गया था। परिजन ने बताया था कि बच्चे का इलाज कस्बे के ही डाक्टर के पास चल रहा था। ऐसे डाक्टरों की पहचान कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी। वहीं, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि कानूनगोयान मोहल्ले में बुखार से बच्चे की मौत की सूचना मिली है। नालियों की सफाई कराते हुए दवा का छिड़काव किया जा रहा है। मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए फागिंग का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।