एसटीएफ व पुलिस ने नोएडा सेक्टर-3 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर में मारा छापा
डार्क वेब से सोशल सिक्योरिटी नंबर लेकर मोबाइल व सिम लेकर कराते थे लोन
शनिवार को बिसरख क्षेत्र में पकड़े गए फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े हैं तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। एसटीएफ व नोएडा पुलिस ने रविवार को सोशल सिक्योरिटी नंबर लेकर अमेरिका के नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया। पुलिस ने फेज-वन क्षेत्र में छापा मारकर पांच महिलाओं सहित 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने बिसरख क्षेत्र में जिस कॉल सेंटर का खुलासा शनिवार को किया था, उसी से यह भी जुड़ा हुआ है। मौके से कार, 18 मोबाइल, 26 मॉनिटर, 26 सीपीयू, 26 माउस, 26 हेडफोन, हार्ड डिस्क, अमेरिकी नागरिकों के 17 डीएल व 17 का डाटा, कॉलिंग डाटा प्रिंट।
एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि अमेरिका के नागरिक डेवन ने यूपी पुलिस से शिकायत की थी कि उनके बैंक ऑफ अमेरिका के खाते से हांगकांग के एएचएसबीसी के खाते में रकम ट्रांसफर की गई है। इसका लिंक नोएडा से भी है। इसके बाद एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने जांच की तो नोएडा सेक्टर-3 में फर्जी कॉल सेंटर का पता चला। पुलिस को जांच में पता चला कि सरगना नीतिन श्रीवास्तव और साथी दिव्य शर्मा कई अन्य लोगों को जोड़कर अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे हैं। आरोपी अमेरिकी नागरिकों का डाटा जैसे सोशल सिक्योरिटी नंबर, नाम, पता, मोबाइल नंबर आदि डार्क वेब के माध्यम से खरीदते थे। फिर वाइट पेजेज वेबसाइट से इन मोबाइल नंबरों से अमेरिकी सर्विस प्रोवाइडर की जानकारी लेते थे।
इसके बाद जालसाज नोएडा स्थित कॉल सेंटर से मोबाइलधारक को उसी सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से फर्जी कॉल कर पीआईएन नंबर पूछ लेते थे। इतनी जानकारी एकत्र करने के बाद फिर कॉल सेंटर से सर्विस प्रोवाइडर को धारक बताकर कॉल करते थे और पीआईएन नंबर बताकर नया मोबाइल, सिम आदि बुक करा लेते थे। इसके बाद नए मोबाइल व सिम की डिलिवरी अमेरिका के किसी फर्जी पते पर मंगाते थे। यहां गिरोह के जुड़े अमेरिका के एजेंट इसे प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद एजेंट उसी नंबर से कई तरह के लोन लेते थे। इस तरह ये जालसाज करोड़ों रुपये की जालसाजी अमेरिकी नागरिकों से करते थे।
यूएसए से हांगकांग फिर हवाला से पैसा जालसाजों के पास
जांच में पता चला है कि जब आरोपी फर्जीवाड़ा कर अमेरिकी नागरिकों के नाम से लोन करा लेते थे तो उस पैसे को अमेरिकी बैंक से हांगकांग के बैंक में ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद हवाला व बिटकॉइन आदि से रकम जालसाजों तक पहुंचती थी। इसके बदले में कमीशन मिलती थी। वहीं कुछ रकम अलग-अलग पेमेंट मोड से भी इन आरोपियों के पास आती थी।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
सूरजपुर निवासी दिव्य शर्मा उर्फ लवकुश, जेजे कॉलोनी निवासी दीपू कुमारी, छलेरा निवासी उपासना व अमित कुमार, सदरपुर निवासी विपुल कुमार, सेक्टर-12 निवासी सुमित, बदायूं निवासी श्रेया, दिल्ली निवासी सोनी कुमारी, खजूरी खास निवासी काज मिश्रा, न्यू अशोक नगर निवासी तुषार, जामिया नगर निवासी सबी अहमद, बिहार निवासी तमन्ना, वैशाली निवासी सुहैल रजा, गाजियाबाद निवासी देवेंद्र सिंह व उद्दयान और बरेली निवासी वीरेश माथुर।
इतिहास में स्नातक दिव्य चला रहा था
पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड नितिन श्रीवास्तव है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। अभी नोएडा के सेक्टर-3 में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर का कामकाज दिव्य शर्मा (28) करता था। दिव्य दिल्ली से इतिहास में स्नातक है। मां लीना शर्मा 2012 में प्रॉपर्टी का काम करती थी। उस समय नितिन भी यही काम करता था। इसी क्रम में नितिन और लीना की जान पहचान हो गई। इसके बाद मां की जान पहचान के कारण दिव्य भी नितिन के संपर्क में आ गया। नितिन प्रॉपर्टी के काम के साथ फर्जी कॉल सेंटर संचालित करने का भी काम करता था।
चार दिन में तीसरा फर्जी कॉल सेंटर
पुलिस व एसटीएफ ने जिले में चार दिनों में तीन फर्जी कॉल सेंटरों का खुलासा किया है। इन सभी से अमेरिकी नागरिकों से ठगी हो रही थी। शुक्रवार को सबसे पहले फेज वन क्षेत्र में फिर शनिवार को बिसरख में कॉल सेंटर का खुलासा किया गया। बिसरख क्षेत्र में चल रहे कॉल सेंटर से ही सेक्टर-3 में चलने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पता चला।