फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाइक बोट घोटाले में सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। ग्रेटर नोएडा के चर्चित बाइक बोट घोटाले में सीबीआई ने गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड (जीआईपीएल) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि कंपनी ने अपने दो लाख से अधिक निवेशकों को 15 हजार करोड़ रुपये की चपत लगाई है। सीबीआई ने ग्रेटर नोएडा पुलिस के पास दर्ज 11 मामलों में जांच शुरू की है। सीबीआई के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि एफआईआर में कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजय भाटी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों समेत 15 लोगों को नामजद किया है।
विज्ञापन

मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कीम के जाल में फंस लोगों ने गंवाई खून पसीने की कमाई
ग्रेटर नोएडा। मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कीम के जाल में फंसकर लगभग दो लाख लोगों ने खून पसीने की कमाई गंवाई। आरोप है कि आरोपियों ने जीआईपीएल नाम से एक कंपनी बनाई। इस कंपनी का रजिस्टर्ड दफ्तर ग्रेटर नोएडा में है। अगस्त 2017 में इस कंपनी ने बाइक बोट नाम से एक योजना शुरू की। इसमें एक बाइक को अटैच करने के लिए निवेशक को 62,100 रुपये जमा करने होते थे। हर महीने 5175 रुपये की एक किस्त जाती थी और बाइक का किराया प्रति माह 4590 रुपये तय था। स्कीम के अंतर्गत पांच फीसदी का मासिक किराया आय बोनस, 10 फीसदी का समान बोनस शामिल था। साथ ही एक निवेशक जितनी चाहे उतनी बाइक संलग्न कर सकता था। इसमें निवेशकों को मल्टी लेवल मार्केटिंग स्कीम के अंतर्गत पैसा निवेश करना था। लुभावने इस योजना में लाखों लोगाें ने खून पसीने की कमाई लगाई। उन्हें भारी रिटर्न की आस थी, लेकिन कंपनी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस स्कीम में देश भर के लोगों ने पैसे लगाए थे। पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाइक टैक्सी चलाने की योजना थी। शुरू में गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर और मेरठ में कुछ जगह बाइक टैक्सी चली लेकिन धीरे धीरे बंद हो गई।
जिला अदालत पहुंची सीबीआई से सूचना, 18 आरोपी भी हुए पेश
आरोपियों पर दादरी थाने के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में धोखाधड़ी के अलावा चेक बाउंस के भी केस दर्ज हैं। जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेेंद्र जयंत ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद सीबीआई के एक अधिकारी ने 11 केस स्थानांतरण करने की सूचना जिला अदालत को दी है। जल्द ये केस सीबीआई को स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। वहीं, कोर्ट के आदेश पर दर्ज किए गए केस में संजय भाटी समेत 16 आरोपियों को अदालत में भी जेल से पेशी पर लाया गया। पेशी के बाद आरोपी वापस जिला कारागार भेज दिए गए।
विज्ञापन

26 आरोपी गिरफ्तार, गैंगस्टर लगा और संपत्ति जब्त की गई
फर्जीवाड़ा गौतमबुद्घ नगर में हुआ लेकिन पुलिस केस दर्ज करने के बजाय पीड़ितों को टरकाती रही। जयपुर निवासी सुनील मीणा की शिकायत पर इस मामले में 12 जनवरी 2019 को पहला केस दर्ज किया गया। इसके बाद एक के बाद एक पीड़ितों ने केस दर्ज कराए। फिलहाल दादरी कोतवाली में दर्ज 116 केस की जांच आर्थिक अपराध शाखा मेरठ कर रही है। इसके अलावा ईओडब्ल्यू व देश की अन्य एजेंसियां भी जांच में जुटी है। 26 आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए। अधिकांश आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है। आरोपियों की 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। जो फर्जीवाड़े का पांच फीसदी भी नहीं है। निवेशकों का कहना है जांच एजेंसियां अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाईं कि फर्जीवाड़ा कुल कितने रुपये का है और कुल कितने पीड़ित आरोपियों के शिकार हुए हैं। लेकिन अब उन्हें न्याय की आस जगी है। अब आरोपियों की विदेश में जमा संपत्ति पर भी शिकंजा कस सकता है।
सांठगांठ कराने वाले सफेदपोशों पर कसेगा शिकंजा
ग्रेटर नोएडा। कई ऐसे भी कई आरोपी है जिन्होंने फर्जीवाड़े की रकम को ठिकाने लगाने, निवेश करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जांच एजेंसियां इन आरोपियों तक नहीं पहुंच पाईं हैं। इनमें सबसे अधिक आरोपी गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर और मेरठ के हैं। इनमें से कई सफेदपोश भी हैं।
पत्नी और निजी सचिव तक भी नहीं पहुंच पाईं जांच एजेंसियां
मुख्य आरोपी संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल, निजी सचिव रीता चौधरी, लोकेंद्र, बिजेंद्र हुड्डा, भूदेव आदि आरोपियों तक जांच एजेंसियां नहीं पहुंच पाईं हैं। जबकि फर्जीवाड़े की रकम खपाने में इन आरोपियों की बड़ी भूमिका बताई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें