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Noida News: एसटीपी टैंक में उतरे तीन कर्मियों की मौत मामले में मेंटनेंस एजेंसी पर केस

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कंपनी मृतक परिवारों को 12-12 लाख रुपये, परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी
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मृतकों के माता-पिता को जीवित रहने तक 15 हजार रुपये प्रति माह पेंशन भी देगी

माई सिटी रिपोर्टर


ग्रेटर नोएडा।
थाना ईकोटेक-1 क्षेत्र में सोमवार को कोफोर्ज कंपनी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में उतरे तीन कर्मियों की मौत के मामले में मृतक दनकौर निवासी मोहित के भाई की ओर से प्लांट का रखरखाव करने वाली एजेंसी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कंपनी ने प्लांट के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी मैक्स-आइन मेंटेनेंस एजेंसी को दी गई थी। एजेंसी के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं, कंपनी प्रबंधन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिवार को 12 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, 15 हजार रुपये प्रति माह माता-पिता के जीवित रहने तक पेंशन और मृतकों का कंपनी फंड दिया जाएगा।
सोमवार को हुए हादसे में दनकौर के गांव हतेवा निवासी मोहित, मथुरा के बरसाना निवासी अंकित और कानपुर के हरि गोविंद की मौत हो गई थी। देर रात मृतकों के परिजन ग्रेटर नोएडा पहुंच गए थे। मंगलवार सुबह शव जिम्स के शवगृह से पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। मोहित का शव गांव हतेवा पहुंचा, जहां अंतिम संस्कार किया गया, जबकि अंकित और हरि गोविंद के शव लेकर परिजन रवाना हो गए। डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि पीड़ित परिवारों की क्षतिपूर्ति के लिए कंपनी प्रबंधन के साथ लंबी बातचीत चली। इसके बाद तय किया गया है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 12-12 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा माता-पिता जब तक जीवित रहेंगे तब तक कंपनी 15 हजार रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में देगी। इसके अलावा कंपनी में काम करने के दौरान मृतकों के फंड का पैसा परिजनों को दिया जाएगा। मृतक परिवार से एक सदस्य को कंपनी में नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा भी शव के अंतिम संस्कार के लिए 15 हजार रुपये प्रदान किए गए हैं। 15 हजार रुपये शव पैतृक गांव तक ले जाने के लिए दिए गए हैं। इस क्षति पूर्ति के अलावा जो विधिक कार्रवाई होगी वह जारी रहेगी।
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करंट से नहीं हुई मौत, जहरीली गैस से हुए बेहोश

हादसे की जांच में पता चला है कि तीनों युवकों की मौत एसटीपी में करंट से नहीं हुई है। मेंटनेंस स्टाफ के तीनों कर्मियों ने बूट और जैकेट नहीं पहनी थी। टैंक 20 फीट गहरा था, जिसमें गिरकर तीनों की मौत हुई। माना जा रहा है कि टैंक में जहरीली गैस से तीनों कर्मी बेहोश हुए और बाहर नहीं आ सके।
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