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मनरेगा में लाखों का गबन करने पर 5 अधिकारियों पर केस दर्ज

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नगीना। फिरोजपुर झिरका अदालत के आदेश पर नगीना के तत्कालीन खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बीरेंद्र सिंह, एबीपीओ साजिद खान, सहायक अकाउंटेंट असलम, ग्राम सचिव कृष्ण कुमार, जूनियर इंजीनियर जसवीर सिंह, सरपंच अल्ताफ के खिलाफ फर्जी जॉब कार्ड बनाकर सरकारी धनराशि में लाखों का गबन करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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जानकारी के अनुसार, गांव राजाका के ग्रामीण अल्ताफ ने स्थानीय अदालत फिरोजपुर झिरका में इस्तगासा लगाकर मनरेगा में धांधली के गंभीर आरोप लगाए थे। अदालत को इस बात के पुख्ता सबूत दिए थे कि सरकारी धनराशि में अधिकारियों से मिलीभगत कर गबन किया गया है। इसलिए संबंधित अधिकारियों, सरपंच व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। आरोप है कि दिव्यांग और दृष्टिहीन समेत अन्य दर्जनभर ऐसे लोगों के जॉब कार्ड बनाए गए हैं, जो रोजगार करने में सक्षम नहीं है। सरकारी धनराशि को हड़पने की नीयत से एक ही व्यक्ति को उसी दिन दो अलग-अलग जगहों पर काम करते हुए दर्शाया गया। फर्जी जॉब कार्ड बिना किसी आईडी प्रमाण के जारी किए गए हैं। राजाका गांव के सरपंच अल्ताफ हुसैन ने बताया कि गांव की रंजिश और एक हत्या के कारण राजनीति की जा रही है। संबंधित लोग सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसा कर रहे हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच किए जाने की आवश्यकता है। सभी आरोप निराधार हैं।
नगीना पुलिस थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि जेएमआईसी फिरोजपुर झिरका अदालत के आदेश पर ग्राम पंचायत राजाका सरपंच समेत नगीना खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मामले की जांच की जा रही है।
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बेटे को दिखाया मां से एक वर्ष बड़ा
सरपंच ने गांव राजाका के समद खान की उम्र वोटर कार्ड में 82 वर्ष तो जॉब कार्ड में केवल 45 वर्ष दिखाई थी। उसकी पत्नी की उम्र वोटर कार्ड में 71 है और जॉब कार्ड में मात्र 40 वर्ष दर्शाई गई है। जबकि ,उनके लड़के की उम्र जॉब कार्ड में 41 वर्ष दिखाकर बेटे को मां से एक वर्ष बड़ा दिखाया गया है। गांव के ही दिव्यांग तारिफ तथा दृष्टिहीन इब्राहिम के जॉब कार्ड बनाकर व उनके काम को दिखाकर उनके खातों में मनरेगा की धनराशि डाली गई है। दर्जन भर ऐसे लोग हैं, जिनको पता भी नहीं है कि उनके जॉब कार्ड बने हैं।
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