खराब मानसिक स्थिति से जूझ रहे शेल्टर होम के बच्चे
शेल्टर होम में पांच बच्चे मानसिक रूप से बीमार मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनकी काउंसलिंग की गई है। वहीं, जेल में 35 मानसिक रोगी मिले हैं। जिला अस्पताल में इनका इलाज चल रहा है। इसके अलावा 14 स्कूलों में भी बच्चों की काउंसलिंग की गई। ताकि अगर कोई बच्चा तनाव में हो तो उसको दूर किया जा सके।
रिलेशनशिप बना रही डिप्रेशन का शिकार
मनोचिकित्सक डॉक्टर तनुजा गुप्ता ने बताया कि मानसिक रोगियों में 40 प्रतिशत मरीज सिर्फ डिप्रेशन के हैं। जब इन मरीजों की काउंसलिंग की जाती है तब पता चलता है कि रिलेशनशिप इसका सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा साइकोसिस बीमारी के भी मरीज बढ़े हैं। इसमें मरीज को भ्रम की स्थिति होती है। वो ऐसी स्थिति पर यकीन करते हैं जो वास्तविकता में होती ही नहीं है। उनको लगता है जैसे उनको तंग किया जा रहा है। अगर इलाज न कराएं तो बीमारी बढ़ती जाती है। उन्होंने बताया कि हिस्टीरिया के मानसिक रोगी भी बढ़े हैं। जब कोई व्यक्ति मेंटली या इमोशनली परेशान होता है, तो अपनी तरफ ध्यान आकर्षित करना चाहता है और असमान्य हरकतें करता है। अगर किसी को परिवार के सदस्य में कोई बदलाव दिख रहा है तो एक बार मनोचिकित्सक को जरूर दिखाना चाहिए।