सेक्टर-58 थाना पुलिस ने गिरोह के 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार रात 12:30 बजे सेक्टर-62 के मॉडल टाउन गोलचक्कर के पास से पकड़े गए आरोपियों की पहचान साहिबाबाद निवासी आकाश व आदित्य, दिल्ली निवासी सागर, अयूब, आकाश पाल और पुनीत के रूप में हुई है।
साहिबाबाद के कॉल सेंटर में काम करने वाला कर्मचारी अंतरराज्यीय स्नैचर गिरोह चला रहा था। सेक्टर-58 थाना पुलिस ने गिरोह के 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बृहस्पतिवार रात 12:30 बजे सेक्टर-62 के मॉडल टाउन गोलचक्कर के पास से पकड़े गए आरोपियों की पहचान साहिबाबाद निवासी आकाश व आदित्य, दिल्ली निवासी सागर, अयूब, आकाश पाल और पुनीत के रूप में हुई है।
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आकाश गिरोह का सरगना है, वह साहिबाबाद स्थित कॉल सेंटर में काम करता था। पुलिस ने बदमाशों की निशानदेही पर 105 मोबाइल फोन, 3 बाइक, 5 तमंचे और 21 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह के बदमाश सुबह और शाम ऑफिस आने जाने के वक्त स्पोर्ट्स बाइक से झपटमारी करते थे। वह आमतौर महिलाओं को टार्गेट कर वारदात करते थे।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि गिरोह के चार बदमाश चोरी की स्पोर्ट्स बाइक से लोगों के फोन छीनकर फरार हो जाते थे। जबकि दो अन्य मोबाइल मार्केट में बेचते थे। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि अयूब और पुनीत मिलकर आकाश को चोरी की स्पोर्ट्स बाइक उपलब्ध कराते थे। आकाश और सागर यह तय करते थे कि किस क्षेत्र में किसको जाना है। दोनों मुख्य रूप से नोएडा के सेक्टर-58 थाना के औद्योगिक क्षेत्र में वारदात करते थे।
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आकाश और सागर सुबह 9 बजे से 10 बजे और शाम को 5 बजे से 7 बजे के बीच ज्यादातर झपटमारी करते थे। वहीं आकाश पाल, आदित्य और अयूब के साथ मिलकर मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से सुबह 5 बजे से 8 बजे के बीच लूट की वारदात करते थे। इसके अलावा आदित्य और पुनीत के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में घूम -घूम कर दोपहर के टाइम पर लूट करते थे। गिरोह के बदमाश महिलाओं को टार्गेट कर वारदात करता था। घटना के समय अगर कोई इनका विरोध करता या शोर मचाता था तो बदमाश उसे तमंचा दिखाकर भयभीत कर देते थे। विरोध करने पर पीड़ित से साथ
मारपीट भी करते थे।
अकेले बाइक से जा रहे शख्स को टक्कर मार करते थे वारदात
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि गिरोह के बदमाश अकेले बाइक से जा रहे शख्स को अपनी स्पोर्ट्स बाइक से टक्कर मारकर गिरा देते थे। पलक झपकते ही वह उसका मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। गिरोह ने 10 दिन पहले दिल्ली में ऐसे ही कई वारदात की थी। डीसीपी राजेश एस ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन में की जांच कर कई पीड़ितों को सूचित किया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आदित्य को गाजियाबाद पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार पहले जेल भेज चुकी थी। आकाश भी जेल जा चुका है। दो-तीन माह पूर्व ही वह जेल से छूटकर आया और फिर से वारदात करने लगा।