सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट (सीएसई) की रिपोर्ट में ब्रेड और बेकरी उत्पादों में कैंसर पैदा करने वाले तत्व पाए जाने के बाद लोगों में ब्रेड खाने को लेकर डर बैठ गया है। दुकानदारों का कहना है कि इस रिपोर्ट के बाद ब्रेड और दूसरे बेकरी उत्पादों की बिक्री में 30 से 35 फीसदी तक गिरावट आ गई है।
वहीं, ब्रेड निर्माताओं का कहना है कि सिर्फ कुछ कंपनियां ही आटे में पोटैशियम ब्रोमेट या पोेटैशियम आयोडेट मिलाती हैं, जिसका खामियाजा सभी को भुगतना पड़ रहा है। जिले में ब्रेड बनाने वाली पांच कंपनियां हैं। इनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि सीएसई की रिपोर्ट के बाद भी खाद्य विभाग ने अभी तक दुकानों से ब्रेड की सैंपलिंग नहीं शुरू की है।
सेक्टर- 12 स्थित बेकरी शॉप के मालिक सोनू रावत ने बताया कि ब्रेड की बिक्री 30 फीसदी तक कम हो गई है। लोग सभी ब्रांड का ब्रेड लेने से परहेज कर रहे हैं। यहां तक की बर्गर बनाने में इस्तेमाल होने वाला बन भी लोग नहीं खरीद रहे हैं।
सेक्टर- 18 स्थित बेकरी शॉप के मैनेजर अरविंद सोनी ने बताया कि जब से रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है, तब से अभी तक ब्रेड का पुराना स्टॉक भी खत्म नहीं हुआ। इस कारण अब लग रहा है कि लोगों को डिस्काउंट देकर ब्रेड का स्टॉक बेचना पड़ेगा।
ब्रेड सप्लायर विनोद पांडे ने बताया कि जिले में मोटे तौर पर चार सप्लायर हैं। गर्मी में हर रोज करीब 18,000 पैकेट ब्रेड की सप्लाई होती है, लेकिन इस दौरान सप्लाई 30 फीसदी तक कम हो गई है। कई दुकानदार फिलहाल ब्रेड का स्टॉक लाने से मना कर रहे हैं।
एक ब्रेड कंपनी के मालिक ने बताया कि हम लोग ब्रेड में पोटैशियम ब्रोमेट या पोटैशियम आयोडेट तत्व का इस्तेमाल ही नहीं करते हैं, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद खामियाजा हम सभी को भुगतना पड़ रहा है। हमारे कारोबार में 25 फीसदी तक गिरावट आ गई है।
रोजाना 15 से 18 लाख का कारोबार
जिले में मोटे तौर पर ब्रेड के चार सप्लायर हैं, जो गर्मी में रोजाना करीब 18,000 पैकेट ब्रेड की सप्लाई दुकानों, मॉल्स और घरों में करते हैं। इनका कारोबार करीब 15 से 18 लाख रुपये का होता है। वहीं, सर्दियों में यह सप्लाई रोजाना 22,000 पैकेट से भी ऊपर पहुंच जाती है। दुकानदारों का कहना है कि गर्मियों में वैसे ही सप्लाई कम हो जाती है, ऊपर से रिपोर्ट के बाद सप्लाई में और अधिक गिरावट आ गई है।
विभाग ने अभी तक ब्रेड का नमूना जांच के लिए नहीं लिया है। पहले भी कभी ब्रेड जांच के लिए नहीं लिया गया है।- विनीत कुमार, जिला अभिहित अधिकारी