नगीना। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार समेत सभी मूलभूत सुविधाओं से वंचित भूडबास गांव बृहस्पतिवार को शत-प्रतिशत घरों में प्रथम खुराक लगवाने वाला गांव बन गया है। यह गांव स्वास्थ्य विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ था। यहां अभी भी प्राइमरी और माध्यमिक विद्यालयों में बिजली नहीं है और आधी आबादी बिजली से वंचित है।
कुछ दिन पहले ही यह गांव सुर्खियों में आया था। मुलथान ग्राम पंचायत के सरपंच सोहराब खान ने बताया कि भूडबास उनकी पंचायत का गांव है। यहां पर 582 लोगों ने प्रथम खुराक लगवा ली है। जो गांव के लिए बड़ी उपलब्धि है। यह सब ग्रामीणों के सहयोग और स्वास्थ्य विभाग की टीम के सघन अभियान तथा स्वयंसेवी सबीला बेगम व अन्य के अथक प्रयासों से संभव हो पाया है। गांव के पूर्व सरपंच नसीम ने बताया कि नगीना ब्लॉक का भूडबास सबसे पिछड़ा गांव है। अभी भी बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आधारभूत सुविधाएं नहीं हैं। फिर भी जनहित में गांव के सहयोग से 100 प्रतिशत ग्रामीणों ने टीकाकरण करवाया है ताकि सरकार की यहां नजर पड़े और यह गांव भी मूलभूत विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सके। मौके पर एएनएम सलमा, स्वयंसेवी रियाजूद्दीन, आंगनबाड़ी सहायिका जाकरा, आशा वर्कर अमीना, वॉलेंटियर मोहम्मद आजम, मौज खान, पंचायत सदस्य राशिद व खालिद, मुद्दीन लंबरदार, खुर्शीद भूडबास आदि का हौसला अफजाई किया और बधाई दी।