प्राधिकरण ने कमेटी को सौंपी रिपोर्ट, शासन जल्द करेगा फैसला
किसानों के मुआवजे और प्लॉट के मामले में हुई बैठक, किसानों की समस्याओं के समाधान पर हुई चर्चा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण के किसानों के मुआवजे और विकसित आबादी के प्लॉट के मामले में बृहस्पतिवार को सेक्टर-6 प्राधिकरण कार्यालय में बैठक हुई। इसमें कमेटी के सभी सदस्य शामिल रहे। नोएडा प्राधिकरण की ओर से कमेटी के पूछे गए सारे सवालों के जवाब तैयार किए गए थे। इसकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को सौंप दी गई। इसके बाद अब कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। फिर सरकार इस मामले में फैसला लेगी।
बृहस्पतिवार की बैठक में राजस्व परिषद के चेयरमैन ने प्राधिकरण से किसानों के मामले में कई सवाल पूछे। इसमें कुल जमीन, लाल डोरा, पांच प्रतिशत के विकसित आबादी के प्लॉट के नियम, पात्र किसानों की संख्या, जमीनों की उपलब्धता समेत कई सवाल पूछे। इसके अलावा कुछ प्रश्नों को जिलाधिकारी के माध्यम से तैयार किया गया था, जिसकी लिखित में प्राधिकरण ने रिपोर्ट बनाई थी। इन सभी सवालों के जवाब प्राधिकरण ने दिए।
अब इस रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद कमेटी अपनी खुद की रिपोर्ट बनाएगी, जिसे शासन को दिया जाएगा। इसमें ग्रेटर नोएडा के किसानों के मामले भी शामिल होंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चाधिकारियों के साथ मंथन के बाद फैसला लिया जाएगा।
इससे पहले बीते शुक्रवार को नोएडा-ग्रेटर नोएडा के किसानों के मुआवजे, प्लॉट और अन्य मांगों के मामले में शासन में हाईलेवल बैठक में मंथन किया गया। इसमें राजस्व परिषद के चेयरमैन समेत नोएडा-ग्रेनो के प्रशासनिक और प्राधिकरण के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में अलग-अलग बिंदुओं पर चर्चा हुई थी। इस बैठक में प्राधिकरण ने हाईलेवल कमेटी को नोएडा के वर्तमान हालात से अवगत कराया गया था। नोएडा प्राधिकरण की ओर से कमेटी को यह भी बताया गया था कि किसानों की मांगों को शासन स्तर पर पहले ही भेज दिया गया है। वर्तमान समय में प्राधिकरण हाईलेवल कमेटी की हर संभव मदद कर रहा है।
नोएडा में हुई बैठक में राजस्व परिषद के चेयरमैन डॉ. रजनीश दुबे, मंडल कमिश्नर मेरठ सेल्वा कुमारी जे, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम, गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे।
किसानों की प्रमुख मांगें
-10% प्लॉट व 64.7% मुआवजा 1997 से सभी को दिया जाएं
-आबादी का संपूर्ण निदान
-मूल पांच परसेंट के प्लॉट तत्काल दिए जाएं।
-5% के प्लाट में कमर्शियल गतिविधि की अनुमति दी जाए
-पुश्तैनी और गैर पुश्तैनी का भेद खत्म किया जाए।
-100% उठे मुआवजा में 10% जमा कर करके पात्रता की श्रेणी में किसानों को लाया जाए