रेरा से मिली स्वीकृति, 10 हजार से अधिक घर खरीदारों को राहत
-जेपी इंफ्राटेक की सात परियोजनाओं का पंजीकरण अमान्य होने से घर खरीदारों को होम लोन मिलने में आ रही थी मुश्किलें
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जेपी इंफ्राटेक की सात परियोजनाओं को रेरा से दोबारा स्वीकृति मिलने के बाद 10 हजार से अधिक घर खरीदारों को राहत मिली है। सातों परियोजनाओं का पंजीकरण एक बार फिर से रेरा के पोर्टल पर हो गया है। इससे घर खरीदारों को बैंकों व अन्य वित्तीय संस्थानों से होम लोन लेने समेत अन्य कार्यों में आसानी होगी। दिसंबर 2025 से घर पर कब्जा देने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। जिन सात परियोजनाओं का पंजीकरण रेरा में कराते हुए स्वीकृति दिलाई गई है, उनमें जेपी ग्रीन्स क्लासिक - डी, जेपी ग्रीन्स कॉसमॉस - ए (फेज-2), जेपी ग्रीन्स कॉसमॉस-सी, जेपी ग्रीन्स केंसिंग्टन बुलेवार्ड अपार्टमेंट्स, जेपी ग्रीन्स कासा आइस्ल्स, जेपी ग्रीन्स क्रेसेंट होम्स और पैबल कोर्ट परियोजना शामिल हैं।
सभी प्रोजेक्टों में अलग-अलग साइज के कुल 10082 यूनिट हैं, इनकी डिलीवरी समाधान योजना के अनुसार दिसंबर 2025 से शुरू होकर फेजवाइज होगी। यही नहीं जेपी इंफ्राटेक की अन्य परियोजनाओं के रेरा में पंजीकरण और स्वीकृति दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। इसकी स्वीकृति जल्द मिलने की उम्मीद है।
घर खरीदार रेरा की मान्यता के बाद बैलेंस भी ट्रांसफर कर पाएंगे।
आवंटियों के 90 प्रतिशत पैसे का उपयोग निर्माण में होगा
यूपी रेरा ने यह भी शर्त रखी है कि आवंटियों से एकत्र की गई 90 प्रतिशत धनराशि का उपयोग निर्माण के लिए किया जाएगा। आवश्यकता हुई तो सुरक्षा रियल्टर्स की ओर से यूपी रेरा को मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के साथ तीन महीने के बाद लागत ऑडिट भी किया जाएगा।
यह है मामला
आईडीबीआई की अगुवाई में कंसोर्टियम के आवेदन के आधार पर जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड जेआईएल के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया अगस्त 2017 में शुरू हुई थी और 7 मार्च 2023 को एनसीएलटी ने जेआईएल को खरीदने के लिए मुंबई-स्थित सुरक्षा ग्रुप की बोली को स्वीकृति दी थी। एनसीएलएटी ने भी सुरक्षा ग्रुप के समाधान के लिए मई 2024 में स्वीकृति दे दी और एनसीएलएटी के आदेश के बाद सुरक्षा समूह ने पिछले वर्ष के मध्य में जेआईएल की कमान संभाली थी।
रेरा के वैध रजिस्ट्रेशन की कमी के कारण जेपी के कई घर खरीदारों को होम लोन मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सात प्रोजेक्टों के रेरा रजिस्ट्रेशन के मान्य होने से घर खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी और वह आसानी से अब होम लोन ले सकेंगे।
जश पंचमिया, जेपी इंफ्राटेक लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
जेपी इंफ्राटेक की सात परियोजनाओं के पंजीकरण की अवधि बढ़ाने के यूपी रेरा का फैसला सराहनीय है। यह घर खरीदारों के पक्ष में है। हालांकि यूपी रेरा के पास धारा 8 के तहत कार्रवाई का विकल्प भी था।
आशीष मोहन गुप्ता, अध्यक्ष जिल रियल एस्टेट अलॉटीज वेलफेयर सोसाइटी