Angry farmers protest due to non-availability of fertilizers, protested by jamming Punhana-Hodal road in Pinagawan
पिगनवां। जिले के किसान बीते करीब दो सप्ताह से रबी की फसलों की बिजाई की तैयारियों में जुटे हैं, लेकिन डीएपी और यूरिया नहीं मिलने के कारण किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं। खाद न मिलने और कालाबाजारी से नाराज सैकड़ों किसानों ने रविवार को पिनगवां में पुन्हाना-होडल रोड पर जाम लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम को खुलवाया। करीब 20 मिनट तक किसानों द्वारा लगाए गए जाम से सड़क के दोनों और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
वसीम अकरत, समशुद्दीन, नवाब, जमशेद, फरीद, नियाज मोहम्मद, हनीफ, आरिफ आदि किसानों ने बताया कि सरसों की फसल की बिजाई के लिए खाद की सख्त जरूरत है। वे कई दिनों से सरकारी और निजी दुकानों पर खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं। लेकिन, दुकानदार खाद न होने का बहाना बना रहे हैं। दुकानदारों ने खाद को गोदामों में छिपा रखा है। अगर कोई अधिक दाम देता है तो उसे ब्लैक से खाद उपलब्ध करा दिया जाता है। खाद पर कालाबाजारी चल रही है। इससे वह परेशान हैं। उन्होंने बताया कि वह रविवार सुबह से ही खाद बीज की दुकानों पर खड़े हैं। दुकानदार खाद न होने का बहाना बनाकर उनको खाद देने से मना कर रहे हैं। मजबूरन होकर सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन करना पड़ा। उन्होंने चेतावनी देकर कहा कि अगर जल्द खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो हजारों किसान मजबूर होकर जाम लगाएंगे।
उपायुक्त शक्ति सिंह ने कहा कि जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे अपने उपमंडल में यह सुनिश्चित करें कि किसानों को डीएपी और यूरिया मिलने में कोई दिक्कत न हो। वहीं जिले के सभी खाद विक्रेताओं आदेश दिए हैं कि डीएपी एवं यूरिया के बैग पर अंकित मूल्य पर ही खाद की बिक्री की जाए। साथ ही किसान को उसकी रसीद भी दें। यदि कोई खाद विक्रेता बैग पर अंकित मूल्य से अधिक मूल्य और कालाबाजारी करता हुआ पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि सभी विक्रेता खाद भंडारण और उसका मूल्य व कृषि विभाग के अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी दुकान के बाहर ब्लैक बोर्ड पर अंकित करने के लिये बाध्य हैं। अगर किसी की दुकान पर यह नहीं मिलता है तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा।