ग्रेटर नोएडा। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में सुपरटेक लिमिटेड के बाद लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स के खिलाफ भी दिवालिया प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। ऐसे में प्रशासन अब लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स की रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर भी वसूली नहीं कर सकेगा। प्रशासन के पास कंपनी की करीब 30 करोड़ की आरसी लंबित हैं। वहीं, एक के बाद एक बिल्डर के एनसीएलटी में जाने से खरीदार परेशान हैं।
लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स का एक प्रोजेक्ट ब्लॉसम जेस्ट के नाम से नोएडा में है। एनसीएलटी में इसका मामला चलने से दिवालिया करने की कार्रवाई शुुरू हो चुकी है। एनसीएलटी ने अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) नियुक्त कर दिया है। इसका आदेश जिला प्रशासन मिलने से उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण की आरसी पर वसूली की कार्रवाई बंद कर दी गई है। जिला प्रशासन के अफसरों ने बताया कि 30 करोड़ में से कुछ की वसूली हो चुकी है, लेकिन शेष वसूली नहीं की जाएगी। सभी आरसी यूपी रेरा को वापस भेज दी जाएगी।
यूपी रेरा ने शिकायतों को प्रतीक्षा में रखा
यूपी रेरा में लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स बिल्डर की 500 से अधिक शिकायतें है। इनमें से कुछ का निस्तारण हो चुका है। अब एनसीएलटी का आदेश आने के बाद यूपी रेरा ने बाकी शिकायतों को प्रतीक्षा में रखा दिया है। यूपी रेरा और जिला प्रशासन ने सभी खरीदारों से आईआरपी के समक्ष क्लेम करने की अपील की है।
कुर्क संपत्ति की भी नहीं हो सकेगी ई-नीलामी
ग्रेटर नोएडा। जिला प्रशासन ने यूपी रेरा की आरसी की धनराशि नहीं देने पर 44 बिल्डरों की करीब 400 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है। इन सभी संपत्ति को ई-नीलाम कराने की तैयारी चल रही है, लेकिन अब दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने से प्रशासन सुपरटेक लिमिटेड और लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स बिल्डर की कुर्क संपत्ति की ई-नीलाम नहीं करा सकेगा। प्रशासन ने विला और फ्लैट कुर्क कर रखे हैं। दोनों बिल्डर प्रशासन के बकायेदारों की सूची में टॉप-10 में शामिल हैं। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि इन बिल्डरों की कुर्क संपत्ति की अब ई-नीलाम नहीं होगी। एनसीएलटी के आईआरपी ही इन संपत्ति के संबंध में कार्रवाई करेंगे। ब्यूरो