कोर्ट से आप करेगी अपील, उसकी निगरानी में हो चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
सदन में हंगामे के बाद आप के वरिष्ठ नेताओं ने सिविक सेंटर में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अब वह सड़क, सदन और कोर्ट में मेयर चुनाव की लड़ाई लड़ेंगे। सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र और संविधान का गला घोटते हुए एमसीडी के मेयर, डिप्टी मेयर व स्थायी समिति का चुनाव नहीं होने दिया। संजय सिंह ने कहा कि पीठासीन अधिकारी संविधान व डीएमसी एक्ट का उल्लंघन कर एल्डरमैन से वोटिंग कराना चाहती थीं। साथ ही उन्होंने मेयर, डिप्टी मेयर और स्थाई समिति का एक साथ चुनाव कराने का प्रयास किया, जबकि यह एजेंडे में नहीं था। पार्टी ने कहा कि वह अदालत से अपील करेगी कि उसकी निगरानी में ही चुनाव हो।
पहले से पता था भाजपा हंगामा करेगी : आतिशी
विधायक आतिशी ने कहा कि मैंने सुबह ही बता दिया था कि भाजपा हंगामा करेगी और पीठासीन अधिकारी चुनाव को स्थगित करेंगी। पहले से भाजपा का मेयर चुनाव नहीं होने देने का प्लान था। इसीलिए भाजपा के सांसद मनोज तिवारी, हंसराज हंस, रमेश बिधूड़ी और गौतम गंभीर वोट डालने नहीं आए, केवल डॉ. हर्षवर्धन और प्रवेश वर्मा आए थे। आप कोर्ट से अपील करेगी कि उसकी निगरानी में मेयर का चुनाव हो और एल्डरमैन को वोट न डालने दिया जाए। विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले एक साल से बेईमानी से भाजपा का एमसीडी पर कब्जा है और इसी तरह से आगे भी कब्जा चाहती है।
कोर्ट के सामने पूरा मामला जाएगा : संजय सिंह
संजय सिंह ने कहा कि पहली बार एल्डरमैन को वोट करने का अधिकार दिया जा रहा है, पहले दिन से ही हम लोगों को आशंका थी कि ये लोग एल्डरमैन से वोटिंग कराएंगे। हमने बार-बार वोटर लिस्ट मांगी, लेकिन लिस्ट नहीं दी गई। जबकि कोई भी चुनाव होता है, तो सदन के नेता के साथ मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के चुनाव लड़ रहे लोगों को वोटर लिस्ट दी जाती है। इसका मतलब है कि इनकी मंशा साफ थी। इनको किसी भी तरह से चुनाव नहीं कराना था। क्योंकि ये हार रहे हैं। अब माननीय न्यायलय के सामने यह पूरा मामला जाएगा। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से हम लोगों को न्याय मिलेगा।
आप के पास भारी बहुमत : दुर्गेश पाठक
विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा की कोई दिलचस्पी नहीं है कि दिल्ली की जनता ने एमसीडी में जिस पार्टी को जनादेश दिया है, उसकी सरकार चले। पूरी दिल्ली को पता है कि आम आदमी पार्टी को भारी बहुमत है। उसके बाद भी मेयर, डिप्टी मेयर और स्थाई समिति का चुनाव नहीं होने दिया जा रहा है।
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