गर्मी बढ़ते ही ओवरलोड का दिख रहा असर
रणजीत मिश्रा
नोएडा। तापमान में बढ़ोतरी होते ही विद्युत निगम के ट्रांसफार्मरों में भी आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। एक माह से औसतन हर चौथे दिन ट्रांसफार्मर में आग लग रही है। जिससे विद्युत आपूर्ति चरमराने लगी है। ट्रांसफार्मर फूंकने से उपभोक्ताओं को चार से छह घंटे तक कटौती झेलनी पड़ रही है। पिछले एक माह में करीब 8 ट्रांसफार्मर फूंक चुके हैं।
पावर कॉरपोरेशन ने तकनीकी खराबी आने या ट्रांसफार्मर फूंक जाने की स्थिति मरम्मत कार्य के लिए आधे से एक घंटे का समय निर्धारित किया है। जबकि विभागीय अधिकारियों की अनदेखी और कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से ट्रांसफार्मर को बदलने में चार से छह घंटे तक का समय लग रहा है। गर्मी शुरू होने से पहले विभागीय अधिकारी लाइन को दुरुस्त करने के साथ ट्रांसफार्मरों की क्षमता में बढ़ोतरी के दावे कर रहे थे। जो गर्मी शुरू होते ही फुस्स साबित होने लगे हैं।
400 ट्रांसफार्मर स्टॉक का दावा
विद्युत निगम के अधिकारियों का दावा है कि भीषण गर्मी में आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। मरम्मत कार्य के लिए तार, पोल, सीटी समेत करीब 400 ट्रांसफार्मर का स्टॉक मौजूद है। अधिकारियों के मुताबिक निगम के 25 केवीए, 63 केवीए, 100 केवीए, 250 केवीए, 400 केवीए, 630 केवीए, 1000 केवीए व 10 एमवीए तक के ट्रांसफार्मरों में बीस हजार रुपये से लेकर दस लाख रुपये तक का मरम्मत कार्य पर खर्च आता है।
आग लगने के कारण
- ओवर लोडिंग ,अर्थिंग ठीक नहीं होना , लोड बैलैंस नहीं होना, प्रोटेक्शन सिस्टम से समझौता
ट्रांसफार्मर फूंकने का डाटा
वर्ष
फूंके ट्रांसफार्मर
2020 :
92
2021 :
157
2022 :
189
2023 : 170