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मेडिकल कॉलेज में दो दिन में 9 बच्चों की मौत, एक बिस्तर पर 3-3 मासूमों का चल रहा उपचार

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9 children died in two days in medical college, treatment of 3-3 innocents on one bed
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नूंह (अंतराम खटाना)। नल्हड़ स्थित शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज में दो दिन में 9 बच्चों की मौत हो चुकी हैं। इनमें सोमवार को 7 और मंगलवार को दो मासूमों की जान जा चुकी है। बीते एक महीने से नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में बच्चों में बीमारी के मामले काफी बढ़ रहे हैं। इस कारण एक बेड पर 3-3 बच्चों को शिफ्ट किया गया है। बच्चों में मुख्य रूप से बुखार, उल्टी, दस्त, निमोनिया, डेंगू, प्लेटलेट्स कम हो रही हैं।
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मेडिकल कॉलेज में पहले से ही स्टाफ संसाधनों का अभाव है। इसके बावजूद मेडिकल टीम लगातार बच्चों के इलाज में जुटी हुई है। पूरे अस्पताल में अभी विभिन्न रोगों के 618 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 255 बच्चे शामिल हैं। यहां पर प्रतिदिन करीब 50 नए बच्चे भर्ती हो रहे हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन करीब 1600 लोग ओपीडी की सुविधा ले रहे हैं। इनमें 200 लोग इमरजेंसी में आ रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी बरसात के बाद से बढ़े मच्छरों के प्रकोप व मौसमी बीमारी के कारण मेडिकल कॉलेज में बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या काफी है। बच्चों में फैली विभिन्न बीमारियों के कारणबीते दो दिनों में 9 बच्चों की जान चली गई। स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से सतर्क है। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चों में बीमारियों का यह पीक समय चल रहा है। लेकिन, इससे निपटने के लिए उनकी टीम निरंतर बच्चों के इलाज में जुटी है। हालांकि, उनके पास स्टाफ का भारी अभाव है। नल्हड़ मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए 60 बेड हैं, जोकि सभी भरे हैं।
उल्टी, दस्त, बुखार होने पर डॉक्टर से करें संपर्क
चिकित्सकों ने बताया कि बच्चों में अगर उल्टी, दस्त, बुखार, बेचैनी, खून की कमी सहित अन्य प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत किसी रजिस्टर्ड चिकित्सक से संपर्क करें। कई बार लापरवाही के कारण भी बच्चों में बीमारी होने पर जान का खतरा बढ़ जाता है।
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सिर्फ 10 लोग कर रहे बच्चों की देखभाल
नल्हड़ मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. महा सिंह ने बताया कि बीते एक महीने से उनके यहां पर विभिन्न बीमारियों से पीड़ित बच्चे काफी आ रहे हैं। कुल 10 लोग पूरे संस्थान में बच्चों की देखभाल कर रहे हैं। इस समय मच्छरों व मौसमी बीमारी के कारण बच्चों में रोगों की संख्या बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए अभिभावकों व आमजन को जागरूक होने की जरूरत हैं। बच्चों में किसी प्रकार की बीमारी होने पर चिकित्सक से संपर्क करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनाएं। अभी दो दिन में उनके यहां पर 9 बच्चों की मौत हो चुकी हैं।
बुधवार को डेंगू के 5 नए मरीज मिले
जिले में बुधवार को डेंगू के 5 नए मामले मिले हैं। इनमें डूडोली, रानीका, गंडूरी, दल्लाबास व इमामनगर से एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या 101 हो गई है। 5 साल बाद डेंगू ने बीते तीन सप्ताह से जिले में तेजी से पैर पसारे हैं। वहीं, अभी तक मलेरिया के भी 4 केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह डेंगू मरीजों की संख्या है। लेकिन, अधिकतर लोग दिल्ली-एनसीआर व राजस्थान के अलवर आदि जगहों पर इलाज करवा रहे हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विक्रम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा डेंगू से निपटने के लिए लोगों की जांच के साथ-साथ फॉगिंग भी करवाई जा रही है।
नगीना में डेंगू के 4 मरीज
नगीना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगीना के अधीन आने वाले गांव घागस, कंसाली, नगीना और फकरपुर खोरी में डेंगू के 4 मामले सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मचा है। पीड़ितों को इलाज के लिए नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा रेफर किया जा चुका है। इस बात की जानकारी यूनानी मेडिकल अधिकारी डॉ. मोहम्मद अरशद ग्यास ने दी। उन्होंने बताया कि डेंगू और मलेरिया के अतिरिक्त मौसम और पानी में बदलाव के कारण बुखार, खांसी, जुकाम और खुजली के मरीज बढ़ते जा रहे हैं। नगीना अस्पताल में पर्याप्त सहूलियतें नहीं हैं, फिर भी जिला स्वास्थ्य विभाग अधिक से अधिक कोशिशें कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने का कार्य करने में जुटा हुआ है।
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