ग्रेटर नोएडा। प्रदूषण विभाग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के नियम तोड़ने वालों पर सख्ती शुरू कर दी है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों व सड़कों पर निरीक्षण कर प्रदूषण फैला रहीं एजेंसियों पर 50.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, नोएडा में भी कई स्थानों पर प्रदूषण फैलाने के कारण 4.45 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि ग्रेनो में 27 स्थानों के निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन साइट, टूटी सड़कें, उड़ती धूल, अवैध रुप से कूड़े की डंपिंग व जलाने के मामलों की प्रमुखता से जांच की गई। औद्योगिक क्षेत्र साइट-सी की टूटी सड़कों के कारण धूल उड़ने पर 25 लाख, साइट-सी में खाली प्लॉट पर कूड़ा डंप करने पर 25 लाख और तीन स्थानों पर कूड़ा जलाने के मामले में 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इधर, नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि वर्क सर्किल-3, 4, 5, 6, 7, 9 और 10 में कुल 29 स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों में नियमों की अवहेलना पाई गई। प्रदूषण फैलाने पर तत्काल 4.45 लाख का जुर्माना वसूल किया गया।
अतिगंभीर जोन से बाहर नहीं आ सके नोएडा-ग्रेनो
दिवाली के बाद नोएडा-ग्रेरो लगातार रेड व डार्क रेड (गंभीर व अतिगंभीर) जोन में बने हुए हैं। मंगलवार को भी नोएडा 426 एक्यूआई के साथ एनसीआर में तीसरे व ग्रेटर नोएडा 412 एक्यूआई के साथ चौथे स्थान पर रहे। गाजियाबाद 451 एक्यूआई के साथ एनसीआर के सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में पहले पायदान पर है।
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जिन स्थानों पर ग्रेनो में ग्रेप के नियमों का उल्लंघन मिला है, उसकी रिपोर्ट बोर्ड को भेजी गई है। इसके अलावा यूपीसीडा को भी आवंटियों व दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। क्षेत्रीय कार्यालय ने 50.35 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
- भुवन कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय ग्रेटर नोएडा
धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव
नोएडा प्राधिकरण ने मंगलवार को शहर में वर्क सर्किल एक से लेकर दस तक की मुख्य सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया। इस दौरान 37 टैंकरों का इस्तेमाल कर करीब 51 किलोमीटर लंबी सड़कों पर छिड़काव किया गया। इसके अलावा सड़कों पर उड़ने वाली धूल को ध्यान में रखते हुए सफाई मेकेनिकल स्वीपिंग मशीन से कराई।