नूंह। प्रदेश के लोगों को 24 घंटे सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई 112 हेल्पलाइन सेवा आम नागरिक व पुलिस विभाग के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम कर रही है। हेल्पलाइन सेवा के तहत नूंह में बनाए गए मिरर कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला में 12 जुलाई से अभी तक 5 हजार 837 जिलावासियों को त्वरित सहायता उपलब्ध करवाई गई है।
उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने बताया कि त्वरित सहायता के उद्देश्य से शुरू की गई यह हेल्पलाइन जिला में काफी कारगर साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि 12 जुलाई को शुरू की गई यह सेवा आमजन व पुलिस विभाग के बीच विश्वास के एक नए आयाम को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि नवंबर माह में 1 हजार 288 नागरिकों को सहायता उपलब्ध करवाई गई है। पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया अब आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर डायल करने की बजाए तीनों आपात सेवाएं पुलिस, अग्निशमन व एंबुलेंस के लिए अपने फोन से 112 डायल कर इसका लाभ ले सकते है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने पुलिस की आपात सेवा डायल 100, अग्निशमन के लिए 102 व एंबुलेंस के लिए डायल 108 सेवा को मर्ज कर डायल 112 से जोड़ दिया है। प्रदेश के नागरिकों को 112 पर संवाद के समय किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसके लिए हिंदी, हरियाणवी, अंग्रेजी व पंजाबी भाषा के विकल्प रखे गए है।
रिस्पांस टाइम 15 मिनट से भी कम
वरुण सिंगला ने बताया कि प्रारंभ के दिनों में ईआरवी का लोकेशन तक जाने का जो समय निर्धारित था वह अपेक्षा से कुछ अधिक रहा। ईआरवी के रिस्पांस टाइम को निर्धारित समयावधि में लाने के लिए प्रतिदिन आ रही कॉल व उनको दी जा रही सेवाओं की मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा उपरोक्त पूरी प्रक्रिया के बाद अब करीब 90 प्रतिशत कॉल लोकेशन पर 15 मिनट से भी कम समय में 112 की सेवाएं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बाकी 10 प्रतिशत ईआरवी की सेवाओं को भी निर्धारित समयावधि में लाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे है।