कन्नौज। प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में फर्जी लाभार्थी बने किसानों ने सरकार की सख्ती पर राशि की किस्तें वापस कर रहे हैं। इसका असर जिले के 443 किसानों पर देखा गया है। सभी ने कृषि उप निदेशक कार्यालय पहुंचकर लाखों रुपये की सम्मान निधि की राशि वापस कर दी है। वहीं अन्य किसान राशि वापस करने के लिए कागजी फोरम पूरा करने के लिए लगे हुए हैं।
कृषि उप निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में मृतक किसानों के परिजन बने किसानों ने सरकार की सख्ती के बाद राशि की किस्तें वापस कर रहे हैं। इसका सत्यापन चल रहा है। कहा कि नवंबर के बाद अपात्र किसानों की सही तस्वीर सामने आएगी। उसी के बाद शासकीय धनराशि की रिकवरी शुरू हो सकेगी। इसके पीछे केंद्र सरकार की मंशा सिर्फ अपात्रों से ही वसूली करना है। उन्होंने बताया कि अभी तक 443 किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वापस हो गई है। यह अपात्र किसानों की श्रेणी में नहीं आते।
ये वह किसान हैं, जिनका निधन हो गया है। परिवार के अन्य सदस्यों को किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए मृत्यु के उपरांत, जिनको सम्मान निधि किस्त की मिली है। अगर यह लोग धनराशि वापस नहीं करते तो परिवार के जिन सदस्यों को उस भूमि की वरासत हुई है, तो पोर्टल उसे नहीं स्वीकारता है। ऐसे में जारी किस्त की धनराशि वापस कराने के बाद ही उनका सम्मान निधि के लिए आवेदन पोर्टल मान्य करता है। प्रतिदिन 10 से 20 किसान अपनी स्वेच्छा से कृषि उप निदेशक कार्यालय पहुंचकर वापस कर रहे हैं। वहीं, अन्य किसान राशि वापस करने के लिए कागजी फोरम पूरा करने में लगे हैं।