अदालत ने तब्लीगी जमात मामले में आरोप तय करने के खिलाफ 35 विदेशी जमातियों की याचिकाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। इनके खिलाफ जमात में शामिल होने तथा कोविड संबंधी सरकारी आदेश के उल्लंघन संबंधी धाराओं में तय किए गए हैं। आरोपियों का कहना है कि संबंधित धाराओं में आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने इन याचिकाओं पर नोटिस जारी कर दिल्ली पुलिस से 22 सितंबर तक जवाब मांगा है। इन आरोपियों के खिलाफ निचली अदालत ने 24 अगस्त को सरकारी आदेश के उल्लंघन, लापरवाही से काम करते हुए बीमारी का खतरा पैदा करना तथा महामारी अधिनियम तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम की धाराओं में आरोप तय किए थे।
आरोपियों की ओर से दायर याचिकाओं में कहा गया कि निचली अदालत ने मरकज में उनके आने की तारीख के आधार पर आरोप तय किए जबकि उनके वहां रुकने की अवधि का कोई साक्ष्य नहीं है। पुलिस के पास इस बात का कोई साक्ष्य नहीं है जिससे साबित हो कि वह 12 से 31 मार्च के बीच मरकज में मौजूद थे।
इसके अलावा पुलिस के इस आरोप को भी पूरी तरह बेबुनियाद बताया कि इंडोनेशिया, मलयेशिया तथा अन्य देशों से आए जमाती कोरोना वाहक के तौर पर काम कर रहे थे। वहीं निचली अदालत ने इस बात पर भी गौर नहीं किया कि यह जमाती देश व्यापी लॉकडाउन के कारण ही मरकज में फंसे हुए थे। इस पर इनका कोई नियंत्रण नहीं था और विमान संचालन बंद हो चुका था। - एजेंसी