परिसंपत्तियों व फार्महाउसों के आवंटन में भी जमकर मनमानी हुई। कैग ने रिपोर्ट में कहा है कि अपात्रों को भी आवंटन कर दिया गया। भूमि आवंटन समिति (पीएसी) ने आवेदनकर्ताओं के इंटरव्यू के लिए पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई। पीएसी की सिफारिश पर हुए आवंटन से साफ है कि इसमें योजना के दिशानिर्देशों की धज्जियां उड़ाई गईं और अपात्रों को आवंटन किया गया। ऑडिट की दृष्टि से देखा जाए तो खास लोकेशन वाली महत्वपूर्ण भूमि का जनहित में इस्तेमाल करने के बदले विलासिता के काम में इस्तेमाल किया गया।
बोर्ड, प्रबंधन और अधिकारी नाकाम : नोएडा की परिसंपत्तियों के आवंटन में कई अनियमितताएं मिली हैं। नोएडा के बोर्ड, प्रबंधन और अधिकारियों के स्तर पर विफलताएं देखी गईं। मास्टर प्लान-2021 की विभिन्न खामियों को दूर करने के लिए मास्टर प्लान-2031 लाई गई, लेकिन वह भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) के उठाए मुद्दों का संज्ञान लेने में विफल रही। स्पोर्ट्स सिटी और मिश्रित भू-उपयोग योजनाएं उद्योगों को बढ़ावा देने के नोएडा के मूल मकसद से जुड़्ी न होने पर भी प्रारंभ की गईं। प्राधिकरण ने भू-अर्जन में अर्जेंसी क्लॉज का अत्यधिक उपयोग किया। दूसरी ओर, भू-अर्जन के लिए अंतिम प्रस्तावों को प्रस्तुत करने में 11 से 46 माह तक की प्रशासनिक देरी हुई। प्राधिकरण ने पुनर्वास की निर्धारित प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए उसके बदले में 373.85 करोड़ की एकमुश्त राशि का भुगतान किया।
अपात्र होने के बावजूद सीबीएस को आवंटन : सीबीएस इंटरनेशनल प्रोजेक्ट को अपात्र होने के बावजूद 52.77 करोड़ रुपये के प्रीमियम पर 1,02,949 वर्ग मीटर भूखंड का आवंटन किया गया। लेखा परीक्षा के निष्कर्ष नोएडा के शासकीय ढांचे में गंभीर कमियों की ओर इशारा करते हैं। रिपोर्ट नियमों और आदेशों के उल्लंघन और जानबूझकर तथ्यों को छिपाने के उदाहरणों से भरी हुई है।
ऐसे-ऐसे घपले
गोल्फ कोर्स का क्षेत्र 13 भूखंडों में विभाजित कर दिया, जिससे 65 एकड़ गोल्फ कोर्स के विकास की कोई संभावना नहीं है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का बड़ा हिस्सा अभी भी अर्जित किया जाना है। अपात्र आवंटियों को आवंटन किया। आईटी और आईटीईएस भूखंडों को अस्वीकार्य छूट की अनुमति दी गई। फार्म हाउसों के आवंटन के लिए निर्धारित दरें जनहित में नहीं थीं। वास्तविक क्रियाशील औद्योगिक क्षेत्रफल कुल क्षेत्रफल का केवल 5 प्रतिशत था। नोएडा के खर्चों पर मिश्रित भू-उपयोग नीति को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए लागू किया गया।
जीवनभर की बचत लगाकर घर खरीदने वाले रहे वंचित : प्राधिकरण जब फार्महाउस के नाम पर रसूखदार बिल्डरों को जमीन बांट रहा था तो ग्रुप हाउसिंग की 63% परियोजनाएं अपूर्ण थीं। 1,30,005 स्वीकृत फ्लैटों में से 44% के लिए ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट जारी नहीं किए गए। इससे जीवनभर की बचत और मेहनत की कमाई का निवेश करने वाले खरीदार फ्लैटों के कब्जों से आज तक वंचित हैं।
2005-18 के बीच रहा लेखा परीक्षा का फोकस : कैग रिपोर्ट में कहा गया है कि लेखा परीक्षा का मुख्य केंद्र 2005-18 की अवधि में भूमि अर्जन और ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक (स्पोर्ट्स सिटी सहित), संस्थागत (फार्म हाउस सहित) और औद्योगिक श्रेणियों के तहत परिसंपत्तियों के आवंटन के लिए नोएडा की ओर से अपनाई गई नीतियों और प्रक्रियाओं पर था।
नतीजतन, इन क्षेत्रों में सुधार की संभावना को सामने लाने के लिए महायोजना की तैयारी और परिसंपत्तियों के मूल्य निर्धारण की भी जांच की गई।