नोएडा। 3700 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम एसपी ने दो आरोपियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की जांच में एब्लेज कंपनी के सन्नी मेहता व मंदीप का नाम सामने आया है। इन दोनों के खातों में भी ठगी के पैसे जमा कराए गए थे। दोनों के खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2017 में देशभर के नौ लाख से अधिक लोगों को ठगने का खुलासा हुआ था। अगस्त-15 में एब्लेज इंफो सॉल्यूशन नाम से सेक्टर-63 में कंपनी खोली गई थी। उस समय कंपनी ने दावा किया था कि पैसा लगाने वालों को एक साल में दोगुनी रकम और लाइक्स के नाम पर अच्छी कमाई होगी। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के लिए पांच हजार से लेकर 1.15 लाख रुपये तक की एकमुश्त रकम लोगों से निवेश करवाई गई थी। कुछ लोगों को मुनाफा हुआ तो वे दूसरे लोगाें को भी जोड़ते चले गए। जब कंपनी में निवेश करने वाले लोगों की संख्या नौ लाख तक हो गई तो कंपनी मालिक अनुभव मित्तल व पत्नी आयुषी मित्तल समेत अन्य आरोपी फरार हो गए थे।
यूपी साइबर क्राइम के एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि मामले की जांच में दिल्ली के महावीर एंक्लेव सन्नी मेहता और पालम विहार निवासी मंदीप की भूमिका सामने आई है। दोनों के खातों में ठगी की रकम भेजी गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। पहले इस मामले की जांच यूपी एसटीएफ कर रही थी। अब यह मामला यूपी साइबर क्राइम के पास चला गया है। फिलहाल, अनुभव व आयुषी समेत अन्य आरोपी जेल में हैं।
लाइक्स के नाम पर जोड़े गए थे लोग
कंपनी में ज्यादातर लोग लाइक्स के नाम पर जुड़े थे। कंपनी 57,500 रुपये में एक शख्स को सदस्य बनाती थी। इसके बाद उस सदस्य को चेन बनाते हुए दो लोगों को साथ जोड़ना था, जो दो लोग जोड़े गए थे, उन्हें भी दो-दो लोगों को साथ जोड़ना था।