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Noida News: क्रिप्टो में निवेश के नाम पर 23.50 लाख ठगे, गिरफ्तार

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आरोपी ने विदेश में बैठे गिरोह के साथ मिलकर महिला को ठगा
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8.55 लाख रुपये बरामद, पुलिस ने रकम फ्रीज की
15 लाख रुपये का लोन लेने को मजबूर किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। न्यू उस्मानपुर में क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर महिला से 23.50 लाख रुपये ठग लिए गए। पायल पांडेय (32) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगी की गुत्थी से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने इस संबंध में एक आरोपी को जाफराबाद के मौजपुर से गिरफ्तार किया है।आरोपी की पहचान गांव सैजना, गुन्नौर, संभल निवासी मोहम्मद दाउद (29) के रूप में हुई है। आरोपी ने विदेश में बैठे गिरोह के लोगों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता से ठगी की रकम 11 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। एक खाते को दाउद ऑपरेट कर रहा था। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि इस खाते में एक ही दिन में 1.44 करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन हुई है। पुलिस ने खाते में 8.55 लाख रुपये फ्रीज किए हैं। इसके अलावा एक राउटर, 17 सिमकार्ड, 11 डेबिट कार्ड, चार पासबुक, 15 चेकबुक, पैनकार्ड व मोबाइल आरोपी के पास से बरामद किया गया है।
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि पायल ने क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी की शिकायत साइबर थाने को दी थी। उसने इंस्टाग्राम पर एक लिंक देखा था जिसमें क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा देने की बात की गई थी। पीड़िता आरोपियों के चंगुल में फंस गई। शुरुआत में आरोपियों ने पीड़िता से शेयर मार्केट में छोटे निवेश कराकर अच्छा मुनाफा दिया। इसके बाद मोटी रकम निवेश करवा ली। करीब सात लाख रुपये फंसने के बाद आरोपियों ने कहा कि वह लोन लेकर क्रिप्टो करेंसी खरीद ले, नहीं तो उसकी पहले निवेश की गई रकम फंस जाएगी। पीड़िता ने किसी तरह अपने बैंक से 15 लाख रुपये का लोन लिया और क्रिप्टो में निवेश कर दिया। इस बीच पीड़िता के बैंक ने उसे सावधान किया तो पड़ताल की गई। इस पर पीड़िता को ठगी का पता चला।
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ऐसे पकड़ा गया आरोपी

मामले की छानबीन के लिए थाना प्रभारी विजय कुमार, एसआई मोहित व अन्यों की टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मामले की पड़ताल की तो पता चला कि ठगी की रकम 11 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुई थी। इसमें से 9.64 लाख रुपये मेरठ में निजी बैंक के खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने खाते की पड़ताल की जो जमीर अहमद के नाम पर था, लेकिन दिए गए पते पर आरोपी नहीं मिला। पुलिस ने खाते की लेनदेन में इस्तेमाल आईपी लॉग का पता लिया। इसके आधार पर आरोपी दाउद की पहचान की गई। इसके बाद मौजपुर में छापा मारकर पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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चीन और दुबई से जुड़े मिले गिरोह के तार

जिस खाते में दाउद ट्रांजेक्शन कर रहा था, उस खाते में एक ही दिन में 1.44 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। दाउद आरोपियों के लिए खाते उपलब्ध कराकर ऑनलाइन लेनदेन करता था। इसके बदले उसे एक दिन की रकम का दो फीसदी हिस्सा मिलता था। करीब एक साल से आरोपी ठगी कर रहा था। पुलिस ने खाते की पड़ताल की तो पता चला कि रकम को कई खातों में घुमाकर उनसे क्रिप्टो करेंसी खरीदकर चीन या दुबई में ट्रांसफर किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के सरगना विदेश में बैठे हैं, भारत में बैठे मोहरों की वजह से ठगी की जा रही है। इन्हें थोड़ा बहुत कमीशन देकर बाकी सारी रकम विदेश मंगा ली जाती है।
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