अरुण विहार सेक्टर-37 में लगी लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की प्रतिमा ।
नोएडा (लाल सिंह)। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल (21) ने अद्भुत शौर्य और पराक्रम से भारत को न केवल जीत दिलाई, बल्कि युद्ध का पासा ही पलट दिया। आज ही के दिन 16 दिसंबर को पाक को धूल चटाने के बाद सांबा शहर से सटे बसंतर क्षेत्र में वीरगति को प्राप्त हुए थे। मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र प्रदान किया गया। इन्हीं के नाम पर सेक्टर-28, 29, और 37 का नाम अरुण विहार रखा गया और सेक्टर-37 में इनकी प्रतिमा भी स्थापित करवाई गई। सेना हर साल 16 दिसंबर को जीत का जश्न मनाते खेत्रपाल की बहादुरी की कहानियां सुनाती है।
अरुण विहार (सेक्टर 28,29,37) का नाम लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल, पीवीएसएम के नाम पर रखा गया है। उनके बलिदान पर अरुण विहार के निवासियों को गर्व है। - बिग्रेडियर अशोक हक (अवकाशप्राप्त), निवासी, सेक्टर-28
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अरुण विहार का नाम अरुण खेत्रपाल के नाम पर रखा गया है। सेक्टर में अरुण विहार संस्थान (क्लब) और अरुण विहार सामुदायिक केंद्र भी उनके नाम पर हैं। - कर्नल आईपी सिंह (अवकाशप्राप्त), चेयरमैन, अरुण विहार सोसाइटी
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लेफ्टिनेंट खेत्रपाल प्रतिमा अरुण विहार सामुदायिक केंद्र सेक्टर-37 में स्थापित है। 1971 के युद्ध में हमारे सशस्त्र बलों की ऐतिहासिक जीत की 50 वीं वर्षगांठ पर बधाई। - कर्नल डॉ. जेपी सिंह (अवकाशप्राप्त)
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वीर योद्धा अरुण की स्मृति में नोएडा में भूतपूर्व सैनिकों के लिए अरुण विहार बसाया गया है। आज हम इस वीर योद्धा के अदम्य साहस और वीरता को याद करते हैं। - कर्नल शशि वैद (अवकाशप्राप्त), निवासी, अरुण विहार सोसाइटी