ग्रेटर नोएडा स्थित 130 मीटर रोड़ पर बन रहा डीएफसीसी का फ्लाईओवर। संवाद
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ग्रेटर नोएडा (नवीन कुमार)। तिलपता से मकौड़ा गोल चक्कर के बीच 130 मीटर रोड पर बन रहा करीब 2.5 किमी लंबा ग्रेटर नोएडा का पहला फ्लाईओवर 16 पिलर पर खड़ा होगा। सभी पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। इन पर कुल 64 गर्डर रखे जाएंगे। इनमें चार गर्डर खास होंगे, जो फ्लाईओवर के मध्य भाग का हिस्सा होंगे। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन (डीएफसीसी) जल्द गर्डर रखने का काम शुरू करेगा। अफसरों ने बताया कि जल्द से जल्द एक लेन शुरू करने की तैयारी है। जिले में डीएफसीसी के वेस्टर्न कॉरिडोर का 17 किमी का हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा है।
कॉरिडोर तिलपता से मकौड़ा गोल चक्कर के बीच 130 मीटर रोड को पार कर रहा है। यहां कॉरिडोर जमीन पर रहेगा। ऐसे में डीएफसीसी 130 मीटर रोड पर फ्लाईओवर बना रहा है, ताकि वाहन बिना किसी अवरोध के निकल सके। वहीं, गर्डर को साकीपुर के पास वेस्टर्न कॉरिडोर के यार्ड में बनाया गया है। चार गर्डर का डिजाइन बॅक्सा नुमा होगा। इनको फ्लाईओवर के पास ही बनाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इन चार गर्डर को फ्लाईओवर के मध्य भाग में रखा जाएगा। इनके नीचे से ही रेलवे ट्रैक गुजरेगा। ऐसे में गर्डर भारी होंगे। इनमें वाहनों का दबाव झेलने की काफी क्षमता होगी। भूकंप को ध्यान में रखकर इसका निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि फ्लाईओवर के दोनों तरफ 4-4 लेन की होंगी।
शुरू नहीं हो सका अंडरपास
फ्लाईओवर के नीचे अंडरपास भी बनाया जा रहा है। तिलपता से मकौड़ा की तरफ आने वाली रोड पर एक साइड का अंडरपास बनकर तैयार हो चुका है। इसको दिसंबर 2021 में शुरू करना था, ताकि वाहन चालकों को डायवर्जन से राहत मिल सके, लेकिन अंडरपास में भरने वाले पानी की निकासी का इंतजाम नहीं हो सका है। इस कारण अंडरपास को शुरू नहीं किया जा सका है। डीएफसीसी पानी निकासी का इंतजाम का कर रहा है। डीएफसीसी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह ने बताया कि अंडरपास में भरने वाले पानी को निकालने का इंतजाम किया जा रहा है। फ्लाईओवर का काम तेज कर दिया गया है। जल्द से जल्द निर्माण पूरा कराया जाएगा, ताकि एक लेन जल्द शुरू हो सके।