ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-28 में उत्तर भारत के पहले मेडिकल डिवाइस पार्क की योजना में 173 कंपनियों ने आवेदन किया है। अब आवेदनों की जांच के बाद 22 जुलाई को ड्रॉ निकाला जाएगा। केंद्र सरकार इसे विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी और 13 कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाएगी।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ अरुणवीर सिंह ने बताया कि 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 110 एकड़ में पार्क विकसित होगा। इसमें 136 भूखंड हैं। भूखंडों प्राप्त करने के लिए आवेदन करने की सात जुलाई अंतिम तारीख थी। योजना में 3800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें प्रत्यक्ष रूप से 15 हजार व अप्रत्यक्ष रूप से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। पार्क में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस सहित सर्जिकल, रेडियोथैरेपी व किडनी संबंधी इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण बनेंगे। इधर, ड्रॉ के लिए समिति का गठन किया गया है। इसमें सलाहकार एजेंसी ईएंडवाई, उद्योग, वित्त व नियोजन समेत अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति आवेदनों की जांच करेगी। साथ ही, जो आवेदन निरस्त होंगे उनकी सूचना देगी।
कंपनियों को यह सुविधाएं मिलेंगी
- कंपनियों को ऋण लेने के लिए 10 साल तक दो करोड़ पर कोई ब्याज नहीं देना होगा
- कूड़ा प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार से 10 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी।
- पार्क में आने वाली कंपनियों को 3.95 रुपये की दर से बिजली मिलेगी।