केजरीवाल टटोलेंगे पार्टी नेताओं की नब्ज
महागठबंधन की सियासत : आज शाम होगी उच्च स्तरीय बैठक, वरिष्ठ नेता, लोकसभा क्षेत्र प्रभारी, विधायक रहेंगे मौजूद
- पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद पार्टी तैयारी करेगी आगे की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विपक्षी दलों की बैठक में शामिल होने के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल महागठबंधन में शमिल होने के बारे में पार्टी नेताओं की नब्ज टटोलेंगे। मंगलवार शाम बुलाई गई बैठक में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद पार्टी आगे की सियासी रणनीति तैयार करेगी। इस दौरान खास तौर से दिल्ली में लोकसभा के आगामी चुनावी अभियान का खाका तैयार होगा। गोपाल राय के मुताबिक, बैठक में दूसरे फेज की रणनीति बनेगी।
दिलचस्प यह कि आप की उच्च स्तरीय बैठक उस वक्त हो रही है, जब कांग्रेस के साथ खिंची उसकी सियासी तलवारें म्यान में जा चुकी हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने अपनी दिल्ली इकाई की सलाह अनसुनी करते हुए बीते दस दिन में आप मुखिया के साथ सोमवार को दूसरी बार मंच साझा किया। महागठबंधन पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक में आप व कांग्रेस ने साथ-साथ बैठकर भविष्य में गठबंधन के रास्ते खोल दिए हैं। हालांकि दोनों दलों के साथ आने में बड़ी दिक्कत दिल्ली के साथ पंजाब भी है। दिल्ली में आप मजबूत है, जबकि पंजाब में कांग्रेस। ऐसी हालत में आप दिल्ली में कांग्रेस को ज्यादा स्पेस नहीं देना चाहती तो कांग्रेस पंजाब में आप के लिए सीटें छोड़ने के हक में नहीं है। जानकारों की मानें तो गठबंधन की टेबल पर जाने से पहले दोनों पार्टियों की पुरजोर कोशिश समझौते को अपने हक में बनाए रखने की होगी। बदलते सियासी माहौल में हो रही आप की बैठक में वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली के सांसद, लोकसभा क्षेत्र प्रभारी, विधायक, विधानसभा क्षेत्र प्रभारी भी शामिल होंगे। विपक्षी दलों के बीच महागठबंधन के लिए हुई बैठक पर केजरीवाल पार्टी नेताओं से मशविरा करेंगे।
गोपाल राय का कहना है कि आप दिल्ली में मजबूती से लोकसभा चुनाव की तैयारियां कर रही है। इसका पहला फेज पूरा हो गया है। मंगलवार की बैठक में दूसरे फेज की रणनीति तैयार होगी। इसमें प्रचार अभियान को लोगों को जोड़ने वाला बनाया जाएगा।
स्टालिन ने दी कांग्रेस से रिश्ते सुधारने की सलाह
डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने वरिष्ठ नेता कनिमोझी और टीआर बालू के साथ सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके घर पर मुलाकात की। सूत्र बताते हैं कि महागठबंधन के लिए हुई विपक्षी दलों की बैठक से पहले हुई मुलाकात के दौरान स्टालिन और केजरीवाल के बीच दिल्ली की राजनीति और महागठबंधन पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि स्टालिन ने आप और कांग्रेस के तल्ख रिश्तों को सुधारने की भी सलाह दी। हालांकि, आप ने इसे शिष्टाचार भेंट बताया है।