दिल्ली में स्वच्छ यूरो 6 ईंधन लागू
करने का मकसद हुआ नाकाम
- पड़ोसी राज्यों से सस्ता यूरो 4 ईंधन खरीद रहे हैं दिल्ली के लोग
- प्रदूषण घटाने और स्वच्छ ईंधन के लिए वैट में कटौती की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद दिल्ली में यूरो 4 गुणवत्ता युक्त पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ समय पहले कोर्ट ने प्रदूषण कम करने के लिए स्वच्छ यूरो 6 मानक वाला पेट्रोल और डीजल ही इस्तेमाल करने के आदेश दिए थे, लेकिन फिलहाल ये जरूरी करने का मकसद नाकाम होता दिख रहा है। इसकी वजह ये है कि सस्ता होने के कारण ग्राहक पड़ोसी राज्यों से दस गुना ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाला यूरो चार ईंधन खरीद रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को बेहद गंभीर मानते हुए इसी वर्ष 1 अप्रैल से राजधानी में यूरो छह मानक वाला ईंधन लागू करने का फैसला दिया था। यूरो 6 मानक वाले ईंधन को कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) जितना ही स्वच्छ माना जाता है।
दिल्ली पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निश्चल सिंघानिया का कहना है कि ज्यादा प्रदूषण वाले यूरो 4 ईंधन बेचने वाले पड़ोसी राज्यों में वैट कटौती के बाद पेट्रोल और डीजल सस्ता हो गया है। कीमत में दो से तीन रुपये के अंतर को देखते हुए दिल्ली के ग्राहक इन राज्यों से यूरो 4 ईंधन खरीद रहे हैं। कीमत में अंतर की वजह से इस साल अक्तूबर के दौरान दिल्ली में यूरो 6 ईंधन की बिक्री में करीब 3.72 करोड़ लीटर की कमी आई। इसका मतलब है कि पड़ोसी राज्यों से इतनी ही मात्रा में यूरो चार ईंधन खरीदा गया। सिर्फ इस वजह से ही दिल्ली में प्रदूषण और बढ़ गया।
नवंबर के दौरान दिल्ली में यूरो 6 ईंधन की बिक्री में करीब 4.5 करोड़ लीटर की कमी आने की आशंका है। इससे शहर में प्रदूषण की समस्या और गंभीर होगी। दिल्ली सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए अन्य कदमों के साथ वैट में कटौती करके यूरो 6 मानक ईंधन सस्ता करना चाहिए।
दिल्ली के सभी 400 पेट्रोल पंप और इससे जुड़े सीएनजी पंपों ने पेट्रोल, डीजल पर वैट घटाने से इनकार करने के दिल्ली सरकार के फैसले के खिलाफ 22 अक्तूबर को 24 घंटे की हड़ताल भी की थी। बावजूद इसके सरकार ने अब तक इसका रास्ता नहीं निकाला है। पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने इसे लेकर एक बार फिर दिल्ली में हड़ताल करने की चेतावनी भी सरकार को दी है।