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साइलेंसर से निकली ‘गोली’ की आवाज तो 15 हजार जुर्माना

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नोएडा। दोपहिया या चार पहिया वाहन के साइलेंसर में बदलाव कराकर गोली या किसी अन्य तरह की आवाज निकाली तो 15 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है। साथ ही हवालात की सैर भी करनी पड़ सकती है। मंगलवार को परिवहन विभाग ने वाहन विक्रेताओं और वर्कशॉप संचालकों के साथ इस मुद्दे पर बैठक सेक्टर-33 स्थित एआरटीओ कार्यालय में की। इसमें चेतावनी दी है कि यदि उनके द्वारा साइलेंसर में बदलाव किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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वाहन स्वामियों द्वारा साइलेंसर में बदलाव कराकर गोली चलने या अन्य तरह की आवाज निकाली जाती है। अब किसी भी वाहन के साइलेंसर में बदलाव मंजूर नहीं होगा। इसके खिलाफ 20 जुलाई को उच्च न्यायालय की ओर से जारी आदेश पर जिले में अभियान चलाया जाएगा। इसमें ऐसे प्रत्येक वाहन का चालान किया जाएगा, जिसमें अलग तरह का साइलेंसर लगा होगा। यदि साइलेंसर बदला गया है तो पांच हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा।
इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण करते पाया जाता है तो 10 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। कुल मिलाकर 15 हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में परिवहन विभाग और यातायात पुलिस इसी सप्ताह से अभियान चलाएंगे। बैठक में एआरटीओ प्रशासन एके पांडेय, एआरटीओ प्रशांत तिवारी, अजय मिश्रा, यातायात निरीक्षक रविंद्र वशिष्ट, आशुतोष सिंह, बलवीर सिंह और जयेंद्र गंगवार समेत वाहन विक्रेता व वर्कशॉप संचालक आदि मौजूद रहे।
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लंबी दूरी की 30 बसें जब्त, 10 लाख जुर्माना लगाया
लंबे रूट पर चलने वाली बसों 30 बसों को जब्त किया गया है। इनके चालक परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर रुककर यात्रियों को बैठा और उतार रहे थे। यह अभियान परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और रोडवेज निगम के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से चलाया। सभी पर कुल मिलाकर करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनके यात्रियों को अन्य बसों से दिल्ली और कौशांबी डिपो तक पहुंचाया गया।
परिवहन विभाग को काफी दिन से शिकायतें मिल रही थी कि लंबी दूरी की बसों द्वारा अनाधिकृत रूप से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर यात्रियों को उतारा और बैठाया जा रहा है। यह परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। मंगलवार को एआरटीओ प्रवर्तन अजय मिश्रा, यात्री कर अधिकारी ज्योति मिश्रा, एआरएम एनपी सिंह, यातायात निरीक्षक रविंद्र वशिष्ठ, आशुतोष सिंह, बलवीर सिंह और जयेंद्र गंगवार आदि अधिकारियों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
इसमें गोरखपुर, लखनऊ, सुल्तानपुर, आगरा, लखीमपुर खीरी, इलाहाबाद और बनारस आदि स्थानों से दिल्ली के लिए चलने वाली बसों पर कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण की वजह से अभियान नहीं चलाया जा रहा था। एक्सप्रेसवे पर चालक-परिचालक निजी हित को साधते हुए सड़क हादसों की आशंकाओं को बढ़ा रहे थे, इसलिए बसों को जब्त किया गया है।
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