जीबीयू में मौजूद अधिकारी। अमर उजाला
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ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित जिम्स मेडिकल कॉलेज के सातवें स्थापना दिवस के कार्यक्रम में शुक्रवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अभी स्वास्थ्य सेवा व चिकित्सा शिक्षा को और सुदृढ़ बनाने की जरूरत है। 2021-22 में राज्य सरकार ने यूजी में 900 सीटों को बढ़ाया था। 2022-23 में 1400 सीटें और जोड़ेंगे। इससे अधिक से अधिक लोगों का डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा। साथ ही, डॉक्टर की कमी को पूरा किया जा सकेगा। 23 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में 91 हजार पंजीकृत फिजिशियन हैं, जिनमें 83000 एमबीबीएस हैं, बाकी अन्य विभाग के डाक्टर हैं। इसकी पूर्ति के लिए हर साल सीटों में इजाफा किया जाएगा, ताकि नए डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की पौध तैयार की जाए सके।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा व चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए पूरे प्रदेश में जिम्स मॉडल अपनाया जाएगा। इससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा। इसी साल डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) एमडी की 300 सीटें बढ़ाई गई हैं जिसमें से 14 सीटें जिम्स के खाते में आई हैं। यहां इसी सत्र से बीएससी नर्सिंग की 60 सीटों पर पढ़ाई शुरू हो रही है। यह जिम्स की स्वयं पोषित सीटें हैं। इसके लिए सरकार पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। इस फार्मूले को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी व अस्पताल की उपलब्धता बताते हुए कहा कि 33 नए राजकीय मेडिकल कॉलेज खुले, जबकि 14 निर्माणाधीन हैं। प्रयास है कि अगले साल 47 राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू करेंगे। प्रदेश सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज शुरू करने की योजना पर काम कर रही है। ऐसे में 16 ऐसे जिले चिह्नित किए गए हैं जहां निजी व राजकीय मेडिकल कॉलेज अभी तक नहीं हैं।
स्वर्ण व रजत पदक से सम्मानित किया
कार्यक्रम के अंत में वार्षिक परीक्षाओं में ओवरऑल टॉपर और विभिन्न विषयों में सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को स्वर्ण और रजत पदक से सम्मानित किया गया। शिक्षा, अनुसंधान और रोगी देखभाल में सर्वश्रेष्ठ संकाय पुरस्कार से डॉ. मनीषा सिंह, डॉ. विवेक गुप्ता और डॉ. रश्मि उपाध्याय को सम्मानित किया गया।