ग्रेटर नोएडा। शहर के 14 गांव सड़क, बिजली, पानी, स्कूल आदि जरूरी सुविधाओं के अलावा वाई-फाई से लैस किए जाएंगे। बृहस्पतिवार को ग्रेनो प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले इन गांवों को 150 करोड़ रुपये से स्मार्ट बनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। सांसद डॉ. महेश शर्मा, दादरी विधायक तेजपाल नागर, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य बिजेंद्र भाटी व प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने मायचा गांव में आधारशिला रखकर इस योजना की शुरुआत की। मायचा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत लगने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 40 फीसदी रोजगार मिलेगा।
इस फैसले से स्थानीय युवा बेरोजगार नहीं रहेंगे। स्मार्ट विलेज योजना से जिले के सभी गांवों की सूरत बदल जाएगी। दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि भाजपा सरकार जुबान की पक्की है जो भी वादे किए, उसे पूरा किया है। सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि मायचा को स्मार्ट विलेज बनाने में करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गांव के तालाब का सौंदर्यीकरण व खेल का मैदान विकसित किया जाएगा। सड़क, बिजली, सीवर, पानी, सामुदायिक केंद्र व कॉमन हॉल, लाइब्रेरी आदि सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन कार्यों को एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। पहले चरण के अंतर्गत चुने गए 14 गांवों में विकास कार्यों पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष विजय भाटी, अन्नू पंडित, हरेंद्र भाटी, सरदार मंजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
पहले चरण में यहां बढ़ेंगी सुविधाएं
प्राधिकरण ने पहले चरण में जिन 14 गांवों को स्मार्ट बनाने की पहल की है उनमें ग्राम मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लड़पुरा, अमीनाबाद (नियाना), सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द-तिगड़ी, युसुफपुर चक शाहबेरी शामिल हैं। इन गांवों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो गई है। सभी गांवों इस साल के अंत तक काम शुरू हो जाएंगे। इनके अलावा इन पांच और गांवों को भी स्मार्ट बनाया जाएगा। इनमें चूहड़पुर, पुराना हैबतपुर, बिसरख, हल्दौनी, रिछपाल गढ़ी शामिल हैं। इन गांवों की परियोजना रिपोर्ट शीघ्र तैयार कराने की प्रक्रिया चल रही है।
यह मिलेंगी सुविधाएं
- सड़कें, ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति और बिजली के कार्य
- सामुदायिक केंद्र, पंचायत घर व प्राथमिक विद्यालय का विकास
- हॉर्टिकल्चर व लैंड स्कैपिंग के कार्य
- वाई-फाई की सुुविधा, खेल के मैदान का विकास
- तालाबों का संरक्षण, सौर ऊर्जा का संरक्षण
- कूड़े का प्रबंधन, स्ट्रीट फर्नीचर लगाना
- युवाओं को हुनरमंद बनाना और रोजगार के लिए प्रेरित करना
देश के चुनिंदा शहरों में शुमार हुआ ग्रेनो
सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि ग्रेनो अब डाटा सेंटर, मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद बनाने के मामले में देश के कुछ चुनिंदा शहरों में से एक बन गया है। गंगाजल की परियोजना बहुत जल्द पूरी होने वाली है। उन्होंने ग्रामीणों से गांव में होने वाले विकास कार्यों पर नजर रखने और गड़बड़ी मिलने पर सूचना देने की बात कही। अपनी समस्याओं की जानकारी देने के लिए प्राधिकरण की वेबसाइट और मित्रा एप को इस्तेमाल करने की अपील की।