दुष्यंत-दिग्विजय को निकालने की दुर्गा नवमी को लिख गई थी पटकथा
गुरुग्राम। इंडियन नेशनल लोकदल सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने दुर्गा नवमी के दिन 18 अक्तूबर को गुरुग्राम में अपने सांसद पौत्र दुष्यंत चौटाला एवं उनके अनुज दिग्विजय चौटाला को पार्टी से बाहर करने की पटकथा लिख दी थी। उस दिन प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में ओमप्रकाश चौटाला ने स्पष्ट तौर पर संकेत दिए थे कि दुष्यंत एवं दिग्विजय के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है और उनको जल्द ही पार्टी से बाहर कर दिया जाएगा। ओमप्रकाश चौटाला ने दोनों भाइयों का मामला अनुशासन समिति को सौंपते हुए 25 अक्तूबर तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि वह 25 अक्तूबर को स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे और उस समय समिति की रिपोर्ट पर मोहर लगाएंगे। उनके व्यक्त से स्पष्ट हो रहा था कि समिति की रिपोर्ट में दो भाइयों को पार्टी से बाहर करने की सिफारिश की जाएगी।
अभय चौटाला ने भी कहा था कि अनुशासनहीनता करने वालों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं है। क्योंकि कोई भी संस्था अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करता है। उधर ओमप्रकाश चौटाला ओमप्रकाश चौटाला 25 अक्तूबर को स्वास्थ्य जांच के लिए जेल से बाहर तो आए, लेकिन अपने दोनों पौत्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। हालांकि उनसे पार्टी के नेता अस्पताल में मिलने गए थे। इस तरह दोनों भाइयों को पार्टी से निकालने की कार्रवाई एक सप्ताह बाद हुई। दुष्यंत चौटाला अपने समर्थकों से मिलने के अभियान के तहत अपने निष्कासन से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को गुरुग्राम में आए थे। इस दौरान उन्होंने अपने निलंबन को गैरकानूनी करार दिया था।