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चौटाला ने कहा था-बड़ों के रहते छोटों को चौधराहट नहीं दी जाती

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चौटाला ने कहा था-बड़ों के रहते छोटों को चौधराहट नहीं दी जाती
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गुरुग्राम। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला अपने पुत्र अभय चौटाला के बजाय अपने सांसद पौत्र दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी के लिए कभी भी तैयार नहीं थे। इस संबंध में ओमप्रकाश चौटाला ने करीब चार साल पहले हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान सार्वजनिक तौर पर बयान दिया था। इस बारे में दुष्यंत चौटाला को भी मालूम था। बावजूद इसके वह अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं थे और वह समय-समय पर समर्थकों से अपनी दावेदारी कराते रहे।
वर्ष 2014 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान ओमप्रकाश चौटाला जेल से पैरोल पर आकर चुनाव प्रचार कर रहे थे। उनके चुनाव प्रचार में कूदने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उनका पैरोल रद्द कर दिया और उन्हें तत्काल जेल पहुंचने का आदेश जारी किया था। ओमप्रकाश चौटाला ने जेल जाने से पहले नई दिल्ली स्थित दुष्यंत चौटाला की जनपथ स्थित सरकारी कोठी पर संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया था।
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मुख्यमंत्री के नाम के संबंध में संवाददाताओं की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब देने को ओमप्रकाश चौटाला तैयार नहीं हो रहे थे। तभी संवाददाता ने उनसे पूछा कि क्या दुष्यंत चौटाला को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है? सवाल पूरा होने से पहले ही ओमप्रकाश चौटाला ने जवाब देना आरंभ कर दिया था। उन्होंने दुष्यंत चौटाला का नाम मुख्यमंत्री पद की दावेदारी के लिए तत्काल खारिज कर दिया था।
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संवाददाता सम्मेलन में ओमप्रकाश चौटाला ने कहा था कि हमारे यहां एक परंपरा है और उसका हमेशा पालन किया जाता है। हमारे घर में जब तक बड़े जिंदा रहते हैं, तब तक छोटों को चौधराहट नहीं दी जाती। उसी दिन उनके इस वक्तव्य से स्पष्ट हो गया था कि मुख्यमंत्री पद की दावेदारी के मामले में कभी भी अभय चौटाला द्वारा दुष्यंत चौटाला को तवज्जो नहीं दी जाएगी।
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