- सेक्टर-132 में चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर, चार वर्ष से दफ्तर बदल-बदल कर करते थे वारदात
- 755 फर्जी नियुक्ति पत्र और 140 पासपोर्ट बरामद, गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर 1200 से अधिक बेरोजगारों से ठगी करने वाले गिरोह का नोएडा पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस ने गिरोह के सरगना मेरठ निवासी समीर शाह समेत 11 आरोपियों को दबोच लिया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। आरोपी सेक्टर-132 में कॉल सेंटर खोलकर देश के कई राज्यों के लोगों से ठगी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 755 फर्जी नियुक्ति पत्र, 140 पासपोर्ट, कंप्यूटर, लैपटॉप समेत अन्य सामान बरामद किए हैंं। जालसाज पिछले चार साल से ऑफिस बदल बदल कर इस तरह की ठगी को अंजाम देते थे।
मंगलवार रात को एसीपी प्रवीण सिंह के नेतृत्व में कोतवाली सेक्टर-126 पुलिस की टीम ने सेक्टर-132 स्थित अर्बटेक ट्रेड सेंटर में इको इंटरप्राइजेज कंपनी के दफ्तर में दबिश दी। मौके पर छानबीन में नौकरी दिलाने के नाम पर कॉल सेंटर चलाने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके से 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस छानबीन में पता चला कि गिरोह के आरोपी बेरोजगार युवक-युवतियों से संपर्क कर विदेश में अच्छी सैलरी वाली नौकरी देने का झांसा देते थे। इसके एवज में उनसे लाखों रुपये लेकर फरार हो जाते थे। डीसीपी विद्यासागर मिश्र ने बताया कि पुलिस गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास का पता लगा रही है।
एडीसीपी मनीष कुमार मिश्र के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आरोपियों का बैंक खाता जब्त किया है। जबकि उनके मोबाइल और सोशल साइट की जांच की जा रही है। साथ ही चार वर्षों में आरोपियों ने किन-किन शहरों में दफ्तर खोलकर ठगी की।
सोशल मीडिया पर जारी करते थे आकर्षक वेतन का विज्ञापन
आरोपियों ने सेक्टर-132 में इको इंटरप्राइजेज के नाम से कॉल सेंटर खोल रखा था। जहां से फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम समेत तमाम सोशल साइट पर विज्ञापन जारी किए जाते थे। जिनमें खाड़ी देशों में आकर्षक सैलरी वाली नौकरी से लेकर कई तरह की सुविधाओं का जिक्र होता था। विज्ञापन देखकर सोशल साइट पर बेरोजगार युवक संपर्क करते थे। आरोपियों को नोएडा बुलाकर हवाई यात्रा का खर्च, वीजा खर्च और नौकरी दिलाने के एवज में कमीशन के नाम पर 70 हजार से चार लाख रुपये तक वसूले जाते थे। साथ ही पासपोर्ट समेत अन्य दस्तावेज जमा करा लिए जाते थे। एक तय दिन पर सैकड़ों लोगों को विदेश भेजने के नाम पर एयरपोर्ट बुलाया जाता था। एयरपोर्ट पहुंचने पर लोगों को ठगी का पता चलता था। ठगी के शिकार लोग आरोपियों के दफ्तर पहुंचते थे तब तक आरोपी दफ्तर खाली कर फरार हो जाते थे।
पकड़े गए आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ निवासी समीर शाह, बिहार निवासी नंद किशोर प्रसाद, मोहम्मद अली अख्तर, मोहम्मद एजाज, एजाज, एजाज अहमद, मोहम्मद नाजिम, पश्चिम बंगाल निवासी मुश्ताक खान, इंद्रजीत दास, झारखंड निवासी किशोर प्रसाद और दिल्ली निवासी नजराना के रूप में हुई है।