बुनियादी सुविधाओं के लिए दिल्ली सरकार खर्च करेगी 65.55 करोड़ रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने एससी बस्ती सुधार योजना के तहत 65.55 करोड़ रुपये की लागत से 114 विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इन बस्तियों में सड़कों, गलियों, नालियों, सामुदायिक भवनों, पार्कों की बाउंड्री वॉल, सीसीटीवी और सीवर लाइन बिछाने जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बृहस्पतिवार को एससी, एसटी कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज ने ये जानकारी दी।
मंत्री रविंद्र इंद्राज ने बताया कि योजना अंत्योदय के संकल्प को पूरा करेगी। पिछली सरकारों के समय इन बस्तियों की भारी उपेक्षा की गई थी। उस दौरान न तो कामों की मॉनिटरिंग होती थी, न ही पूरा बजट खर्च किया जाता था। पिछली सरकार को चार साल में 260 करोड़ रुपये मिले लेकिन सिर्फ 120 करोड़ ही खर्च हो पाए। अब भाजपा सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी बस्ती में कोई सुविधा अधूरी न रहे। सभी विधानसभा क्षेत्रों में जनहित के प्रस्तावित कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे।
बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का सपना था कि समाज के हर वंचित वर्ग को समान अवसर और सुविधाएं मिलें। उनकी सरकार उसी दिशा में काम कर रही है। ये विकास कार्य न सिर्फ बस्तियों का स्वरूप बदलेंगे, बल्कि लोगों के जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार लाएंगे। अब तक तिमारपुर, बवाना, सुल्तानपुरी, मंगोलपुरी, त्रिनगर, करोल बाग, पटेल नगर, विकासपुरी, बिजवासन, गांधी नगर, नरेला, नांगलोई जाट, शालीमार बाग, मोती नगर, राजौरी गार्डन, पालम, आरके पुरम, त्रिलोकपुरी, रोहतास नगर और घोंडा जैसी विधानसभाओं में इन कार्यों को मंजूरी दी गई है।