ग्रेटर नोएडा। घर में घुसकर बच्ची (12) से मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास में दोषी करार दिए गए फेज-3 निवासी सतेंद्र को जिला न्यायालय ने 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने सतेंद्र पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। दस हजार रुपये नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त जेल होगी। इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 452 के तहत 5 वर्ष की जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने का अतिरिक्त जेल होगी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जेपी भाटी ने बताया कि वर्ष 2019 में नोएडा के थाना फेज-3 निवासी व्यक्ति ने बेटी (12) के साथ घर में घुसकर मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज कराया था। बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया की वह नोएडा में किराये के मकान में रहता था। रोजाना की तरह वह और पत्नी सुबह काम पर चले गए। घर पर एक बेटी और तीन नाबालिग बेटे थे। आरोप था कि पड़ोस में रहने वाले सतेंद्र ने घर मे घुसकर बच्ची से मारपीट और दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची के शोर मचाने पर सतेंद्र मौके से फरार हो गया। सुचना पाकर मौके पर पहुंचे बच्ची के पिता ने मामले की सुचना थाना फेस-3 पुलिस को दी। पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम की धाराओं में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी सतेंद्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी के खिलाफ पत्र अदालत में दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय ने सतेंद्र को नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास के मामले 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई व दस हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। दस हजार रुपये नहीं देने पर एक वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
किशोरी के अपहरणकर्ता को 5 वर्ष की जेल
ग्रेटर नोएडा (संवाद)। किशोरी के अपहरण के मामले में जिला न्यायालय ने दोषी करार दिए गए बंटी को 5 वर्ष की सजा सुनाई है। वर्ष 2015 में इकोटेक-3 थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने किशोरी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर बंटी को जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई के बाद जिला न्यायालय ने किशोरी के अपहरण में बंटी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष की सजा सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता जेपी भाटी ने बताया कि जिला न्यायालय ने बंटी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुुर्माना नहीं देने पर दोषी को 6 माह की अतिरिक्त जेल होगी।
वकीलों ने की हड़ताल, लोगों को हुई परेशानी
ग्रेटर नोएडा (संवाद) । गौतमबुद्ध नगर जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। जिससे याचिकाकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील भाटी ने कहा कि मुजफ्फरनगर के जिला और सिविल बार एसोसिएशन में चल रहे प्रकरण और पीठासीन अधिकारी के कृत्यों के कारण केंद्रीय संघर्ष समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर हड़ताल का निर्णय लिया गया था। शुक्रवार को जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। कामकाज ठप होने के चलते न्यायालय आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।