सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक प्राचीन काली माता मंदिर
आगरा। बेलनगंज में स्ट्रेटजी ब्रिज के नीचे प्राचीन काली माता मंदिर की स्थापना पंडित नरसिंह दास निर्मोही द्वारा सन 1947 में की गई थी। मंदिर में काली माता और हनुमान जी की विशाल प्रतिमा स्थापित है। मंदिर प्रांगण में कुरान की आयतें और उर्दू में हे राम के साथ हिंदी भाषा में हे राम लिखा है, जो हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल के साथ सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश देते है। मंदिर के महंत अनिल पंडित ने बताया कि मंदिर के निर्माण के दौरान काफी रुकावट आ रही थी, पत्थर लगाने के बाद गिर जाते थे तब हमारे परबाबा पंडित नरसिंह दास निर्मोही के मुस्लिम मित्र द्वारा कुरान शरीफ का पाठ करने के बाद मंदिर का निर्माण हो सका। इसके बाद भक्तों के सहयोग से मंदिर का जीर्णोधार किया गया। मंदिर बननेे के बाद से आज तक हिन्दु और मुस्लिम लगातार आकर दर्शन कर पुन्यलाभ लेते है। उन्होंने कहा कि लगातार पांच शनिवार नीबू की माला और अनार चढ़ाने पर भक्तो की सभी अभिलाषा माता पूरी करती है। जो भक्त बीमारी और उपरी चक्कर से परेशान है, वे पांच शनिवार काली माता के दर्शन कर स्वस्थ हो जाते है। नवरात्र में मंदिर के पट सुबह सात से एक बजे तक और शाम को चार से 10 बजे तक खुलते हैं। अस्टमी को मंदिर मे फूल बंगला और नवमी को विशाल भंडारा होता है।
भक्त बेलनगंज निवासी पूर्णिमा सक्सेना ने बताया कि बचपन से माता पिता के साथ मंदिर मे पूजा करने आते है। सच्चे मन से मैया से अरदास लगाने पर सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
ऐसे पहुंचे...वाटर वर्क्स से यमुना किनारा मार्ग से अम्बेडकर पुल से थोड़ा आगे जाने पर बाएं हाथ पर प्राचीन काली माता मंदिर स्थापित है। इसके अलावा बिजलीघर से यमुना किनारा रोड पर स्ट्रेची ब्रिज के नीचे मंदिर पर पहुंच सकते है।
प्रस्तुति मनीष शर्मा