किसी प्रोजेक्ट के पूरा होने तक कुल बजट में 20-25 प्रतिशत की वृद्धि तो समझ में आती है, लेकिन पांच गुनी वृद्धि चौकाने वाली बात है।
नोएडा में क्रिकेट ग्राउंड का बजट पांच गुना बढ़ गया। आला अफसरों की जानकारी के बिना बढ़े बजट का खुलासा सोमवार को एसीईओ की समीक्षा बैठक में हुआ।
दरअसल, नोएडा में विश्व स्तर का क्रिकेट ग्राउंड बनाने के लिए 23 दिसंबर 2011 को काम शुरू हुआ। 12.76 एकड़ में इस ग्राउंड को बनाने के लिए उस समय करीब 68 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया। बाद में यह बजट कम पड़ने लगा।
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निर्माण कार्य के साथ बजट भी बढ़ता गया। अब तक करीब पौने दो सौ करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं, जबकि काम अब भी बाकी है। कंसलटेंट ने काम पूरा होने तक करीब 350 करोड़ रुपये खर्च करने का एस्टिमेट तैयार किया है।
जानकारी के मुताबिक स्टेडियम की समीक्षा करने के लिए प्राधिकरण के एसीईओ पीके अग्रवाल ने सोमवार को बैठक बुलाई थी, जिसमें बजट पर भी चर्चा हुई।
इतना ज्यादा पैसा खर्च होने की बात सुनकर एसीईओ भी चौंक गए। उन्होंने 350 करोड़ रुपये के खर्च के आकलन को नामंजूर कर दिया। साथ ही अब तक के खर्च की समीक्षा करने के बाद ही कोई निर्णय लिए जाने का निर्देश दिया।
बाकी स्टेडियम पर भी असर
नोएडा स्टेडियम का पूरा निर्माण तीन चरणों में होना है। पहले चरण में क्रिकेट ग्राउंड बन रहा है। इसका निर्माण कार्य अप्रैल 2014 में पूरा करने का लक्ष्य था। अब दिसंबर तक संभावित है। इस देरी का असर स्टेडियम के बाकी निर्माण पर भी पड़ेगा। दूसरे चरण में एथलेटिक स्टेडियम, मल्टीलेवल गोल्फ ड्राइविंग रेंज, शूटिंग रेंज और इंडोर स्टेडियम का निर्माण होना है। तीसरे चरण में एक्वॉटिक स्टेडियम और बाउलिंग लेन बनने हैं। मौजूदा फुटबाल ग्राउंड पर हॉकी स्टेडियम और रामलीला ग्राउंड पर फुटबॉल स्टेडियम भी बनाया जाना है। इंडोर स्टेडियम में 1200 वाहनों के लिए दो मंजिला पार्किंग बनाने की भी योजना है।