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ये क्या नोएडा पुलिस का दरोगा ही करा रहा था शराब तस्करी?

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नोएडा पुलिस में इस समय दागी पुलिसकर्मियों की बाढ़ आ गई है। हाल ही के दिनों में लूटपाट व रंगदारी मांगने के आरोप में नोएडा पुलिस का एक हेड कांस्टेबल पकड़ा गया था और उसे जेल भी भेजा गया।
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हालांकि अब तक उसके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई नहीं की गई जबकि इन्हीं आरोपों में लिप्त दो पुलिसकर्मियों को एसएसपी गाजियाबाद ने बर्खास्त कर दिया।

इसी क्रम में एक ताजा मामला पुलिस से जुड़ा हुआ सामने आया, जहां गाजियाबाद पुलिस का एक कांस्टेबल नोएडा पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर के साथ मिल कर शराब तस्करी का गोरखधंधा चला रहा था।

सब इंस्पेक्टर को क्यों बचाया जा रहा है

हालांकि नोएडा पुलिस आरोपी सब इंस्पेक्टर का नाम उजागर करने से बच रही है। इतना ही नहीं नोएडा पुलिस ने शराब तस्करी के पूरे प्रकरण को शुरुआती दौर में सिरे से खारिज तक कर दिया था, बाद में गाजियाबाद एसएसपी द्वारा आरोपी कांस्टेबल का सस्पेंसन पत्र जारी होने के बाद नोएडा पुलिस बैकफुट पर आई और शराब तस्करी होने की घटना को स्वीकारी। मगर यह रहस्य अब भी बरकरार है कि आखिरकार आरोपी सब इंस्पेक्टर को क्यों बचाया जा रहा है।

घटना 12 सितंबर की शाम साढ़े 6 बजे की है जब गाजियाबाद पुलिस में क्यूआरटी ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल शिव कुमार को नोएडा-गाजियाबाद की सीमा से सेक्टर-39 थाना प्रभारी जहीर खान ने दबोचा।

मगर शिव कुमार ने जहीर खान को चकमा देते हुए उनकी जीप से कूदकर भाग गया और जहीर खान मुंह ताकते रहे। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसएसपी गाजियाबाद को मिली।
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शिव कुमार को सस्पेंड कर दिया, लेकिन..

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि नोएडा में तैनात एक सब इंस्पेक्टर है जिसके साथ मिल कर शिव कुमार अवैध शराब की तस्करी कर रहा था। इस बाबत एसएसपी गाजियाबाद धर्मेंद्र सिंह ने तत्काल प्रभाव से शिव कुमार को सस्पेंड कर दिया।

घटना की जानकारी जैसे ही मीडियाकर्मियों को लगी तभी यह मामला दबाने में सेक्टर-39 थाना प्रभारी लग गए। उन्होंने ऐसी किसी भी घटना घटित होने और शिव कुमार के फरार होने की खबर से साफ इंकार कर दिया।

थोड़े ही देर बाद धर्मेंद्र सिंह का वह पत्र सामने आ गया जिसमें पूरा प्रकरण लिखा हुआ है और उन्होंने शिव कुमार को उसी के आधार पर सस्पेंड किया।
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