नोएडा में शनिवार शाम को जैसे ही मतदान समाप्त हुआ तो सभी प्रत्याशी अपने-अपने वोटों की गणना में लग गए। किस बूथ पर कितने वोट पड़े, अंदाजा लगाया गया। कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र अवाना ने बताया कि उनकी पांच हजार वोटों से जीत हो रही है।
उन्होंने यह नहीं बताया कि कितने वोट मिलेंगे लेकिन जीत का अंतर बता दिया। उन्होंने माना कि शहर के साथ-साथ गांवों में अच्छे वोट मिले हैं। इसी तरह भाजपा प्रत्याशी विमला बाथम ने बताया कि उनकी जीत तो है लेकिन कितने से होगी, यह बताना मुश्किल है।
शहरी वोटों पर अधिक विश्वास है। इसी तरह से सपा प्रत्याशी काजल शर्मा की तरफ से विधायक मुकेश शर्मा ने बताया गया कि बहुत ज्यादा वोटों से तो नहीं, लेकिन कम से कम पांच हजार वोटों से उनकी जीत होगी। इस बार सपा को शहर और गांवों के लोगों ने वोट दिए हैं।
नोएडा के वोटरों ने किया शर्मसार
नोएडा विधानसभा उपचुनाव में नोएडा का वोटर घर से निकला ही नहीं। शहर में करीब 32.5 फीसदी ही मतदान हुआ, जो अब तक हुए नोएडा विधानसभा चुनावों में सबसे कम है। खासकर युवा और कामकाजी लोग वोट देने में फिसड्डी रहे। वोटर लिस्ट में नाम होने के बावजूद भी उन्होंने मतदान केंद्र पर जाने की जहमत नहीं उठाई।
कुछ जगह ईवीएम मशीनों के खराब होने सरीखी छिटपुट घटनाओं के अलावा संगीनों के साये में चुनाव शांतिपूर्ण रहा। वहीं, मतदान के दौरान डीएम एवी राजामौली और एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह लाव-लश्कर के साथ शहर के कई मतदान केंद्रों में औचक निरीक्षण करने पहुंचे।
नोएडा विधानसभा उपचुनाव में मतदाताओं का जोश ठंडा ही रहा। शनिवार को लग ही नहीं रहा था कि शहर में लोकतंत्र का कोई पर्व है। लोकसभा चुनाव में जहां सुबह सात बजे से ही बूथों पर मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी, वहीं उपचुनाव में मतदाता नदारद दिखे। सुबह नौ बजे आलम यह था कि करीब साढ़े चार फीसदी ही मत पड़े। हालांकि, गांवों में सुबह थोड़े वोटर जरूर निकले।
सेक्टरों में सुबह नौ बजे तक मतदान बेहद धीमा रहा। इस दौरान कई सेक्टरों में तो डेढ़ से दो फीसदी तक ही वोटिंग रही। अगले दो घंटे में 11 बजे मतदान 10 फीसदी पहुंचा। दोपहर 1 बजे यह किसी तरह 16 फीसदी पर आया।
अपराह्न तीन बजे अचानक मतदाताओं का जोश थोड़ा तेज हुआ और दो घंटे में आठ फीसदी की वोट बढ़ोतरी दर्ज करते हुए करीब 24 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद शाम पांच बजे भी मतदान इसी रफ्तार से चलता हुआ करीब 31 फीसदी तक पहुंचा। आखिर एक घंटे में मतदान बेहद सुस्त रहा और केवल डेढ़ फीसदी बढ़ोतरी के साथ 32.5 फीसदी वोटिंग ही हो पाई।
सांसद को मिले वोट के बराबर भी नहीं हुआ मतदान
नोएडा उपचुनाव में दिखी लोगों की बेरुखी ने नोएडा को शर्मसार करने वाला रिकॉर्ड दिया है। संभवत: इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब लोकसभा चुनाव में क्षेत्रीय सांसद को नोएडा विधानसभा से मिले मतों से भी कम उपचुनाव में मतदान हुआ है।
2014 के लोकसभा चुनाव में नोएडा विधानसभा से डॉ. महेश शर्मा को कुल 1,81,681 मत प्राप्त हुए थे। जबकि इस बार 1 लाख 70 हजार के करीब मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है।
बदलता रहा मतदाताओं का रुझान
वक्त के साथ मतदाताओं का रुझान चुनावों को लेकर बदलता रहा है। कभी पूरे दमखम के साथ वोटिंग की तो कभी मायूस किया। पिछले 2012 विधानसभा चुनाव में नोएडा में 48.97 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया था।
जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में नोएडा विधानसभा से करीब 57 फीसदी मतदाताओं ने वोट दिया। शनिवार को हुए उपचुनाव में महज 32.5 फीसदी लोग वोट डालने बूथ तक पहुंचे।