गौतमबुद्ध नगर लोकसभा का चुनाव खत्म होते ही अब नोएडा विधायक को लेकर चर्चा तेज हो गई है। नवनिर्वाचित सांसद डॉ. महेश शर्मा से इन दिनों मिलने वालों में उन लोगों की संख्या बढ़ रही है जो विधायक बनने का मंसूबा पाल रहे हैं।
माना जा रहा है कि नोएडा विधानसभा के लिए अक्तूबर के आसपास उपचुनाव हो सकता है। ऐसे में सभी संभावित दावेदारों ने डॉ. महेश शर्मा के घर के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं। कोई भी नहीं चाहता कि उसकी दावेदारी कमजोर पड़े।
सभी अपने अपने तरीकों से नवनिर्वाचित सांसद को मनाने में लगे हैं। कहा जा रहा है कि जब से चुनाव खत्म हुए हैं तब से ही डॉ. महेश के पास बधाईयों का तांता लग गया है जिसके बहाने लोग विधायक की दावेदारी को पेश करने में लगे हैं।
सांसद का वफादार ही बनेगा विधायक
16 मई को जैसे ही नोएडा से भाजपा विधायक डॉ. महेश शर्मा सांसद बने तो उन्हें तभी से बधाइयां दी जा रही हैं। पार्टी के दर्जनभर से ज्यादा सक्रिय पदाधिकारी यह भी कह रहे हैं कि सांसद बनवाने में उन्होंने कोई कसर नहीं छोड़ी थी, अब नोएडा से विधानसभा चुनाव लड़वाने की व्यवस्था करा दो।
फिलहाल सांसद किसी को मना नहीं कर रहे हैं। हकीकत यह भी है कि जो भी टिकट के दावेदार हैं, उन्हें यह पता है कि बिना सांसद की सहमति से नोएडा से उम्मीदवार होना मुश्किल होगा। इसलिए टिकट का रास्ता डॉ. महेश शर्मा से ही होकर जा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि सांसद किसके लिए अपनी सहमति देंगे। सूत्र बताते हैं कि इसके लिए छानबीन शुरू हो गई है। जिसमें कहा गया है कि प्रत्याशी भाजपा का कट्टर समर्थक हो। सांसद का वफादार होना भी जरूरी है।
पहले ही तय हो चुके हैं कुछ नाम
सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि जिस वक्त डॉ. महेश शर्मा लोकसभा का टिकट लेने हाईकमान के पास पहुंचे थे तो उनसे सवाल किया गया था कि जीतने के बाद विधायक का पद खाली हो जाएगा।
ऐसे में वह किसको विधायक बनवाना चाहेंगे। उस समय डॉ. महेश ने कुछ नाम भी सुझाए थे जिनमें से किसी एक को टिकट दिया जा सकता है।
माना जा रहा है कि उप चुनाव अक्तूबर के आसपास हो सकते हैं। अगर दिल्ली विधानसभा में इससे पहले चुनाव की नौबत आई तो नोएडा विधानसभा के उपचुनाव अक्तूबर से पहले भी हो सकते हैं। भाजपा चाहती भी है कि अभी मोदी लहर चल रही है, उसका फायदा पार्टी को मिलेगा।