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अस्पतालों के रेट कांट्रेक्ट में नहीं स्वाइन फ्लू वैक्सीन

Tue, 29 Dec 2015 09:38 AM IST
सौम्य मिश्र/अमर उजाला, नोएडा
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स्वाइन फ्लू संदिग्ध रोगियों को परामर्श, नमूना लेने और पॉजिटिव रोगियों को टैमीफ्लू देने वाले जिला अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ स्वाइन फ्लू से बचाव की वैक्सीन की मांग कर रहे हैं।
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प्राधिकरण ने अस्पताल प्रशासन से जब प्रदेश में सरकारी रेट कांट्रेक्ट के अनुसार वैक्सीन के दाम की जानकारी मांगी तो पता लगा कि सूची में स्वाइन फ्लू वैक्सीन शामिल ही नहीं है। एम्स में जिस दाम पर वैक्सीन खरीदी जाती है, अब उसकी जानकारी प्राधिकरण को दी गई है।

नोएडा के अस्पतालों में दिल्ली और गाजियाबाद के स्वाइन फ्लू रोगी भर्ती हो चुके हैं। वहीं रविवार की रात में जेपी अस्पताल से स्वाइन फ्लू की पॉजिटिव रिपोर्ट लेकर सेक्टर 93ए निवासी 42 साल का एक व्यक्ति जिला अस्पताल की इमरजेंसी से टैमी फ्लू ले चुका है।
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तमाम निजी अस्पतालों के डॉक्टर वैक्सीन वैक्सीग्रिप आदि से खुद को स्वाइन फ्लू के वायरस एच1एन1 से खुद को सुरक्षित कर चुके हैं लेकिन सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ को वैक्सीन नहीं लगी है।
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अस्पताल में ESI में नहीं आइसोलेशन वार्ड

डॉक्टर मांग कर रहे हैं कि उन्हें वैक्सीन लगवाई जाए। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जब दवाओं के रेट कांट्रेक्ट की सूची में स्वाइन फ्लू वैक्सीन को खोजा गया, तो वैक्सीन उसमें नहीं थी।

बिना सरकारी दाम के प्राधिकरण वैक्सीन नहीं खरीदेगा। एम्स में वैक्सीन जिस दाम पर खरीदी जाती है, उसे प्राधिकरण को भेज दिया गया है। सीएमएस डॉ. नागेंद्र मोहन माथुर का कहना है कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को एच1एन1 के संक्रमण से बचाव की वैक्सीन लगवाने की कोशिश जारी है। प्राधिकरण को एम्स के आधार पर वैक्सीन के दाम की जानकारी भेज दी गई है।

जिला अस्पताल स्वाइन फ्लू रोगियों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार है। अस्पताल के पास मास्क, टैमीफ्लू दवा और जांच किट उपलब्ध है। अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार है।

वहीं सेक्टर 24 स्थित ईएसआई अस्पताल ने आइसोलेशन वार्ड नहीं बनाया है। चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा का कहना है कि टैमी फ्लू और मरीज के लार का नमूना लेकर दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) भेजने की व्यवस्था है। अस्पताल में अभी तक स्वाइन फ्लू का एक भी रोगी प्रकाश में नहीं आया है, इसलिए आईसोलेशन वार्ड नहीं बनाया गया है।
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